चंडीग­ढ़. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि हरियाणा के पुलिस अधिकारी वाई. पूरण कुमार की मौत सभी दलितों के सम्मान का मामला है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मामले में तत्काल कार्रवाई करने और घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग की.

पिछले हफ्ते चंडीग­ढ़ स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के परिवार से मिलने के बाद, गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि कुमार का मनोबल तोड़ने और उनके करियर को नुकसान पहुंचाने के लिए उनके साथ सुनियोजित भेदभाव किया जाता रहा. भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी कुमार के शरीर पर गोली लगने के जख्म पाये गए हैं. कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी राज्य सरकार द्वारा सोमवार देर रात पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) शत्रुजीत कपूर को छुट्टी पर भेजे जाने के कुछ घंटों बाद आई है. इससे पहले, राज्य सरकार ने रोहतक के पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) नरेंद्र बिजारणिया का तबादला कर दिया था.

कुमार (52) ने कथित तौर पर आठ पन्नों का ‘सुसाइड नोट’ छोड़ा था, जिसमें हरियाणा के डीजीपी कपूर और रोहतक के पूर्व पुलिस अधीक्षक बिजारणिया सहित आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर ”जाति-आधारित भेदभाव, लक्षित मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक रूप से अपमानित और अत्याचार करने” का आरोप लगाया गया है. गांधी सुबह कुमार की पत्नी एवं हरियाणा की वरिष्ठ नौकरशाह अमनीत पी. कुमार, उनकी दो बेटियों और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलने चंडीग­ढ़ पहुंचे तथा अंतिम संस्कार करने पर जोर दिया.

उन्होंने कहा, ”(लोकसभा में) विपक्ष के नेता के तौर पर मेरा प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री को संदेश है कि आपने इन दोनों बेटियों से जो वादा किया है उसे पूरा करें और उनके पिता का अंतिम संस्कार होने दें और यह ‘तमाशा’ बंद करें.” परिवार ने अब तक शव के पोस्टमॉर्टम की अनुमति नहीं दी है. उन्होंने कहा कि ”… इस परिवार पर दबाव खत्म करें.” उन्होंने कहा कि नोट में जिन अधिकारियों का जिक्र है, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए.

गांधी ने कहा, ”आप उन्हें गिरफ्तार करें.” यह पूछे जाने पर कि क्या परिवार ने पोस्टमॉर्टम के लिए सहमति दी है, उन्होंने कहा कि परिवार एक सीधा-सा संदेश दे रहा है. उन्होंने कहा, ”और यह सही भी है. वे कह रहे हैं कि उन्हें सम्मान की जरूरत है.” उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री ने स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का अपना वादा पूरा नहीं किया है.

गांधी ने कहा, ”एक दुखद घटना हुई है. वह एक सरकारी अधिकारी थे और मुख्यमंत्री ने परिवार को व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया था कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होगी और मामले में कार्रवाई शुरू की जाएगी.” लगभग एक घंटे तक कुमार के परिवार के साथ रहे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि यह स्पष्ट है कि यह मामला 10 या 15 दिन का नहीं है.

उन्होंने कहा, ”कई साल से अधिकारी का मनोबल गिराने, उनके करियर और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए सुनियोजित भेदभाव किया जा रहा था.” कांग्रेस नेता ने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि हर दलित भाई-बहन के सम्मान का मामला है. गांधी ने कहा, ”दलित भाइयों और बहनों को गलत संदेश जा रहा है… कि आप चाहे कितने भी सफल क्यों न हो जाएं, अगर आप दलित हैं, तो आपको दबाया जा सकता है. यह हमें स्वीकार्य नहीं है.” उन्होंने कहा कि कुमार का करियर खत्म करने की कोशिश की गई, जिसके कारण उन्होंने अपनी जान दे दी.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ”उनकी मृत्यु के बाद उन्हें सम्मान दें. अगर आप सम्मान नहीं देंगे, तो यह हमें स्वीकार्य नहीं है.” बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा, ”कुमार की आत्महत्या हमारे समाज और सिस्टम की अंतरात्मा को झकझोर देने वाली त्रासदी है.” गांधी ने कहा, ”इससे पीड़ादायक क्या हो सकता है कि वाई. पूरण कुमार जी की पत्नी एक सप्ताह से अपने पति का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने का इंतजार कर रही हैं. वह, उनके बच्चे और उनका दर्द महसूस कर पा रहा पूरा दलित समाज जिस मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं, इसकी कल्पना से ही मन विचलित हो रहा है.”

उन्होंने कहा, ”लेकिन, कितने पत्थरदिल हैं दिल्ली से हरियाणा सरकार चलाने वाले नरेन्द्र मोदी, जिनका दिल नहीं पसीज रहा, क्योंकि उनके शासन में ही यह नृशंस ज़ुल्म हो रहा. दिन बीते जा रहे हैं लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, यह स्पष्ट रूप से अन्याय है.” कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे. उन्हें अधिकारियों के अधिकारों, वरिष्ठता और अन्य मुद्दों से जुड़े मामलों में अपने हस्तक्षेप के लिए जाना जाता था. वह हाल में रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) में महानिरीक्षक के पद पर तैनात किये गए थे.

उनकी पत्नी अमनीत आयुक्त और हरियाणा सरकार के विदेश सहयोग विभाग में सचिव हैं. सात अक्टूबर को कुमार अपने घर में मृत पाए गए थे. घटना के वक्त अमनीत मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान में थीं. गांधी ने एक ”झूठे मामले” का भी ज़क्रि किया. गांधी का संकेत रोहतक में एक शराब ठेकेदार द्वारा पुलिस कांस्टेबल के खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज कराने की ओर था, जिसमें ठेकेदार ने आरोप लगाया कि हेड कांस्टेबल सुशील कुमार ने पूरण कुमार के नाम पर 2.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी (जब वह वहां तैनात थे). सुशील कुमार को हाल में गिरफ्तार किया गया था.

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