नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने शराब ‘घोटाला’ मामले में गिरफ्तार पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की याचिका पर बुधवार को केंद्र, सीबीआई, ईडी और छत्तीसग­ढ़ सरकार से जवाब मांगा. टुटेजा ने विभिन्न जांच एजेंसियों द्वारा दर्ज 11 प्राथमिकियों में दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण का अनुरोध किया है.

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति एन के सिंह की पीठ ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी की ओर से वकीलों अर्शदीप सिंह खुराना और मलक भट्ट की दलीलों पर गौर किया और जांच एजेंसियों से जवाब मांगा.
पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत छत्तीसग­ढ़ सरकार के कथित तौर पर करीबी रहे टुटेजा ने याचिका में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अलावा राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, केंद्रीय वित्त मंत्रालय और आयकर विभाग को भी पक्षकार बनाया है.

पूर्व नौकरशाह ने छत्तीसग­ढ़ उच्च न्यायालय के 27 जून के उस आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की है, जिसमें विभिन्न एजेंसियों द्वारा गिरफ्तारी से संरक्षण का अनुरोध करने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया था. सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी टुटेजा ने आरोप लगाया कि कथित एनएएन (नागरिक आपूर्ति निगम) घोटाले में दोष स्वीकार करने से इनकार करने और 2013-2018 के दौरान तत्कालीन सत्तारू­ढ़ दल के वरिष्ठ राजनीतिक पदाधिकारियों के खिलाफ जांच की मांग करने के कारण उन्हें 2015 से व्यवस्थित रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है.

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