राष्ट्रवाणी: दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका में इस समय बिजली व्यवस्था को लेकर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है. जिसने हर किसी को चौंका दिया है. कुछ दिन पहले ही यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी ने देश के 13 राज्यों में पावर ग्रिड इमरजेंसी का ऐलान किया था. जिसके बाद अब सरकार ने देश के बल्क पावर सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए राष्ट्रीय आपातकाल यानी नेशनल इमरजेंसी की घोषणा कर दी है. इस बड़े फैसले के बाद से पूरी दुनिया में इस बात की चर्चा है कि आखिर मार्डन तकनीक और पावर सरप्लस माने जाने वाले अमेरिका में ऐसी नौबत क्यों आई. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि सरकार को सीधे तौर पर कड़े कदम उठाने पड़े हैं. तकनीक की दुनिया में सुपरपावर कहे जाने वाले इस देश के बुनियादी ढांचे पर मंडराते इस खतरे ने हर किसी की चिंता बढ़ा दी है. चलिए आपको बताते हैं क्या है यह संकट और क्या होगा इसका असर. इस पूरे बिजली संकट के पीछे की वजह मार्डन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बेतहाशा विस्तार है. आज के दौर में अमेरिका में एआई डेटा सेंटर्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और डिफेंस प्रोडक्शन बहुत तेजी से बढ़ रहा है. इन सभी हाई-टेक प्रोजेक्ट्स को सही से चलाने के लिए भारी मात्रा में लगातार बिजली की जरूरत पड़ती है. इस मांग के चलते देश के पावर ग्रिड पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ रहा है. जिससे ग्रिड के फेल होने का खतरा लगातार मंडरा रहा है. सरकार की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एआई और टेक सेक्टर की वजह से देश की बिजली पर डिपेंडेंसी काफी कबढ़ चुकी है. अगर ऐसे में कोई तकनीकी खराबी और फिर सप्लाई चेन में रुकावट आती है. तो फिर इसका असर पूरे देश की अर्थव्यवस्था और दूसरी जरूरी सेवाओं पर पड़ सकता है. अमेरिका में इस ग्रिड इमरजेंसी के पीछे सिर्फ बिजली की कमी ही नहीं है. बल्कि देश में विदेशी उपकरणों से जुड़ा सुरक्षा खतरा भी एक वजह है. अमेरिकी सरकार का कहना है कि पावर जनरेशन और ट्रांसमिशन ग्रिड में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण विदेशों से आते हैं. जिससे साइबर अटैक का खतरा काफी बढ़ गया है. इस खतरे को देखते हुए अमेरीकी राष्ट्रपति की ओर से एक नए कार्यकारी आदेश पर साइन किए गए हैं. जिसके मुताबिक विदेशी हार्डवेयर और सप्लायर्स पर सख्त प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. इस फैसले के पीछे अमेरिकी सरकार का मकसद देश के पावर ग्रिड को किसी भी संभावित विदेशी साइबर हमले से सुरक्षित रखना है. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में होने वाले उतार-चढ़ाव या सप्लाई चेन टूटने की स्थिति में देश की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप न हो जा, इसके लिए अब स्थानीय स्तर पर उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है. इस नेशनल पावर ग्रिड इमरजेंसी के बाद अमेरिकी नागरिकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उनके घरों की बिजली काट दी जाएगी या फिर सप्लाई पर कोई असर पड़ेगा. तो बता दें फिलहाल उपभोक्ताओं को बिजली कटौती जैसी किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. हालांकि आने वाले दिनों में पावर कंपनियों और ग्रिड ऑपरेटरों को कड़े सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा. जिससे पुराने और विदेशी उपकरणों की जांच करके उन्हें बदला जा सके. इस पूरी प्रोसेस के चलते पावर यूटिलिटीज और कंपनियों पर एक्सट्रा फाइनेंशियल बोझ जरूर बढ़ सकता है, लेकिन लंबे समय में यह देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है. सरकार की इस सख्ती से अमेरिकी कंपनियों को घरेलू स्तर पर ही ग्रिड उपकरण तैयार करने के नए और बड़े मौके भी मिलेंगे. नीलेश ओझा एबीपी न्यूज़ में कार्यरत हैं और फिलहाल टेक बीट संभाल रहे हैं. इससे पहले वह स्पोर्ट्ज़विकी और क्रिकएडिक्टर में सब एडिटर, इनशॉर्ट्स में हिंदी कंटेट स्पेशलिस्ट और ज़ी हिंदुस्तान और ज़ी राजस्थान में काम कर चुके हैं. पत्रकारिता के दौरान उन्होंने कई क्रिकेट मैच कवर किए हैं और क्रिकेट लाइव स्ट्रीमिंग भी होस्ट की है. न्यूज़ और खेल के साथ नीलेश की दिलचस्पी गीत लेखन में भी है. पिछले साल उनके लिखे एक गीत को बॉलीवुड सिंगर अर्नब दत्ता की आवाज़ में रिलीज़ किया गया. पढ़ाई की बात करें तो उन्होंने मुरैना के अंबाह पीजी कॉलेज से बीए की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से डिजिटल जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा किया है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
Trending
- अमेरिका के 13 राज्यों में पावर ग्रिड इमरजेंसी, जानें क्या है संकट और इसका असर, इस बड़े खुलासे से मचा हड़कंप – राष्ट्रवाणी
- फोन की बैटरी पुरानी होने पर इंटरनेट स्पीड भी हो सकती है स्लो? जानिए क्या है कनेक्शन – old phone battery internet speed whats the connection – राष्ट्रवाणी
- 3 लाख रुपये से ज्यादा का फोन! सैमसंग W27 अल्ट्रा-प्रीमियम फोल्डेबल हुआ लॉन्च, जानें खास बातें – सैमसंग w27 foldable स्मार्टफोन लॉन्च in china – राष्ट्रवाणी
- 9,000mAh की बैटरी और 200MP कैमरा के साथ वनप्लस के दो नए 5G फोन लॉन्च, Snapdragon प्रोसेसर भी – वनप्लस ace 7 and वनप्लस ace 7 प्रो लॉन्च in china – राष्ट्रवाणी
- एप्पल का पहला टचस्क्रीन वाला लैपटॉप, मैकबुक प्रो भारत में लॉन्च; PROLED XDR डिस्प्ले से है लैस – एप्पल launches first touchscreen मैकबुक प्रो with proled xdr display in india – राष्ट्रवाणी
- Uber ने ड्राइवरों के लिए खोले कमाई के नए रास्ते, WhatsApp ज्वाइनिंग से एंबुलेंस हेल्प तक; नए फीचर्स हुए लॉन्च – uber india launches new features for drivers earnings safety – राष्ट्रवाणी
- Vedanta Power Q2 Results: वेदांता पावर का रेवेन्यू 38 बढ़ा, ₹423 करोड़ के घाटे से ₹83 करोड़ के मुनाफे में आई कंपनी – vedanta power q2 results record revenue profit turnaround – राष्ट्रवाणी
- TATA ग्रुप में मचे बवाल के बीच ट्रेंट को मिला नया चेयरमैन, बहराम वकील संभालेंगे कमान; नोएल टाटा की होगी विदाई – trent appoints bahram vakil as chairman noel tata steps down – राष्ट्रवाणी
