नयी दिल्ली. दिल्ली के द्वारका के उत्तम नगर इलाके में एक व्यक्ति की हत्या की साजिश का भंड़ाफोड़ उसकी पत्नी और उसके प्रेमी के बीच 90 से अधिक इंस्टाग्राम संदेशों से हुआ है. पुलिस सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ता यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या महिला ने अपने परिवार के सदस्यों और ससुराल वालों से अपनी बातचीत छिपाने के लिए इंस्टाग्राम के गायब होने वाले संदेश फीचर का इस्तेमाल किया था, क्योंकि वह पिछले दो वर्षों से अपने प्रेमी के साथ रिश्ते में थी.
करण (36) की कथित तौर पर उसकी पत्नी सुष्मिता और उसके प्रेमी राहुल (जो उसका रिश्ते में देवर लगता है) ने नशीला पदार्थ खिलाकर और बिजली का झटका देकर हत्या कर दी. करण के भाई कुणाल देव ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल ने एक बिजली का तार लगाया और उसे करण के हाथों और छाती से, उसके हृदय के पास, जोड़ दिया, ताकि उसे कई बार बिजली के झटके दिए जा सके.
कुणाल ने दावा किया कि घटना के बाद आपत्तिजनक चैट का पता लगा, जिसके बाद परिवार ने सुष्मिता का एक वीडियो रिकॉर्ड किया. वीडियो में सुष्मिता ने कथित तौर पर दही में दो से तीन नींद की गोलियां मिलाने और बाद में करण के सोते समय पानी में घोलकर और गोलियां देने की बात कबूल की.
परिवार ने न्याय की मांग की और पुलिस से करण की कथित हत्या के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया.
कुणाल ने बताया कि उनका भाई परिवार के घर के पास ही एक अलग मकान में रह रहा था. उन्होंने बताया कि शक तब हुआ जब सुष्मिता और राहुल लगातार पोस्टमॉर्टम न कराने पर अड़े रहे. यह घटना 13 जुलाई को तब सामने आई जब माता रूपरानी मग्गो अस्पताल से पीसीआर को कॉल कर करण की मौत की सूचना दी गई.
पुलिस उपायुक्त (द्वारका) अंकित कुमार सिंह ने कहा, ”चैट (संदेशों का आदान-प्रदान) तक करण के भाई की पहुंच के बाद सुष्मिता और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया. इस चैट में करण की हत्या की साजिश पर चर्चा की गई थी. राहुल, करण का चचेरा भाई है.” करण के भाई ने पुलिस को बताया कि उसे सुष्मिता के व्यवहार और राहुल के साथ उसकी नजदीकी पर पहले से ही शक था.
प्रारंभिक जांच के अनुसार, सुष्मिता ने कथित तौर पर करण को अपने घर पर नींद की गोलियां देकर बेहोश कर दिया और उसके मरने का इंतजार किया.
सूत्र ने बताया, ”हालांकि, जब सुष्मिता की उम्मीद के मुताबिक करण की मौत नहीं हुई, तो उसने राहुल को संदेश भेजना शुरू कर दिया.” जांच में खुलासा हुआ कि सुष्मिता ने 12 जुलाई की रात को करण के खाने में कथित तौर पर लगभग 15 नींद की गोलियां मिला दीं और बाद में अपने पति को बिजली का झटका देने में मदद करने के लिए राहुल को बुलाया.
सूत्र ने बताया, ”हत्या के बाद सुष्मिता कथित तौर पर पास में स्थित अपने ससुराल वालों के घर गई और उन्हें बताया कि करण बेहोश हो गया है, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया. जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया और मौत का कारण बिजली का झटका बताया गया.” जांच से जुड़े एक अन्य सूत्र ने दोनों आरोपियों के बीच लिखित संदेश के जरिये हुई बातचीत का विवरण साझा किया. उन्होंने बताया कि एक संदेश में सुष्मिता ने लिखा, ”इतनी गोलियां दे चुकी हूं, फिर भी कुछ नहीं हो रहा…अब करंट ही देना पड़ेगा.” राहुल ने जवाब दिया, ”उसके हाथ-पैर टेप से बांध देना, फिर करंट लगाना.” सूत्र ने बताया कि चैट में उनकी हताशा भी सामने आई जब गोलियों का उपयोग करके करण को मारने का उनका पहला प्रयास सफल नहीं हुआ.
सुष्मिता के एक अन्य संदेश में लिखा था, ”कितनी देर करंट लगाना पड़ेगा कि वह मरे?” कुछ चैट संदेश से यह भी पता चला कि वे काफी समय से करण की हत्या की साजिश रच रहे थे, क्योंकि उसे यह देखने के लिए नशीला पदार्थ दिया था कि उसे बेहोश होने में कितना समय लगेगा. सूत्रों ने बताया कि दोनों उसकी जान लेने के लिए तरह-तरह के तरीके खोज रहे थे.
सूत्र ने कहा, ”हम दोनों से पूछताछ कर रहे हैं. दोनों ने स्वीकार किया है कि वे कई हफ्तों से इसकी साजिश रच रहे थे. उन्होंने पहले भी करण की हत्या का प्रयास करने की बात कबूल की है.” सूत्र ने बताया कि आगे की जांच जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है.
डीसीपी अंकित कुमार सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
करण के परिवार ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की
दिल्ली के द्वारका में पत्नी और उसके प्रेमी की साजिश का शिकार हुए करण की मौत के बाद उसके (करण) परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. यह घटना 13 जुलाई को सामने आई थी, जब उत्तम नगर स्थित माता रूपरानी मग्गो अस्पताल से पीसीआर (पुलिस नियंत्रण कक्ष) को कॉल करके करण देव (36) की मौत की सूचना दी गई.
पुलिस ने कहा, ”सुष्मिता और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया है. करण के भाई कुणाल ने सुष्मिता की चैट देखी जिसमें उन्होंने करण को मारने की योजना पर चर्चा की थी.” कुणाल को सुष्मिता के व्यवहार और राहुल के साथ उसकी नजदीकी पर शक था.
कुणाल ने कहा, ”हम आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं और जल्द से जल्द न्याय चाहते हैं. हमें राहुल के पिता से भी धमकियां मिल रही हैं.” कुणाल के अनुसार, राहुल उसी इलाके में आभूषण की एक छोटी सी दुकान चलाता है.
सुष्मिता और करण की शादी को लगभग 10-11 साल हो गए थे. शुरुआत में वे एक संयुक्त परिवार में रहते थे, लेकिन बाद में वे अलग किराए के मकान में रहने लगे. कुणाल ने दावा किया, ” उनका छह साल का बेटा हमारे साथ रहता है, और घटना वाले दिन वह घर पर नहीं था. 13 जुलाई को मेरी भाभी सुष्मिता रोती हुई यहां आई. उन्होंने हमें बताया कि करण को बिजली का झटका लगा था और वह बेहोश हो गया था. जब हम उसे राहुल और सुष्मिता के साथ अस्पताल ले गए, तो उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पोस्टमार्टम नहीं कराया जाना चाहिए, जिससे हमारा संदेह और गहरा गया.” कुणाल ने आरोप लगाया कि पूरी स्थिति तब सामने आई जब उन्होंने राहुल का मोबाइल फोन देखा और उसके तथा सुष्मिता के बीच हुई बातचीत देखी.
कुणाल ने कहा, ” जब मैंने चैट पढ.ी तो मुझे साजिश का पता चला, जिसके बाद मैंने तुरंत पुलिस को सूचित किया और फोन सौंप दिया. बाद में, हमने सुष्मिता से पूछताछ की और एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें उसने मेरे भाई को दही में मिलाकर नींद की दो-तीन गोलियां देने की बात स्वीकार की. जब करण नहीं मरा, तो सुष्मिता ने उसे सोते समय पानी में और गोलियां मिलाकर दे दीं. ” कुणाल ने अपने भाई की मौत से जुड़ी कथित परिस्थितियों का पता चलने पर आश्चर्य व्यक्त किया.
कुणाल ने कहा, ” जब करण फिर भी नहीं मरा, तो सुष्मिता ने राहुल को इसकी सूचना दी. इसके बाद राहुल ने बिजली के एक तार का इंतजाम किया. उसने करण के हाथों और दिल के पास तार लगाकर उसे बिजली के झटके दिए, जिससे उसकी मौत हो गई. ” इस बीच, पुलिस ने पुष्टि की है कि मामला दर्ज कर लिया गया है तथा जांच जारी है.
