आजमगढ़. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की एक स्थानीय अदालत ने छह साल के बेटे की हत्या के जुर्म में एक व्यक्ति को बुधवार को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया. व्यक्ति ने पत्नी से विवाद के बाद बेटे को कथित तौर पर डुबोकर मार डाला था.

जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयप्रकाश पांडे ने फैसला सुनाते हुए कि लगाए गए जुर्माने में से 80,000 रुपये मृतक बच्चे की मां को दिए जाएं. अभियोजन पक्ष के अनुसार, शिकायतकर्ता डॉली रस्तोगी का विवाह अतरौलिया थाना क्षेत्र के मदोही गांव के निवासी संजय रस्तोगी उर्फ शनि से हुआ था. लगातार वैवाहिक कलह के कारण डॉली पति से अलग अतरौलिया क्षेत्र के भेड़वा गांव में स्थित अपने मायके रह रही थी.

अभियोजन पक्ष ने कहा कि संजय शराब का आदी था और अक्सर घरेलू हिंसा के कारण पति-पत्नी के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे.
अभियोजन पक्ष के अनुसार इस बीच 16 जून, 2023 की सुबह, वह डॉली से मिलने गया और उससे पैसे मांगे, जब डॉली मना कर दिया, तो उसने उसे गालियां दीं.

अभियोजन पक्ष के मुताबिक कि कुछ देर बाद, संजय अपने छह साल के बेटे कार्तिक को नहलाने के बहाने गांव के तालाब में ले गया और कथित तौर पर उसे डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. जांच के बाद, पुलिस ने संजय के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया. सरकारी वकील प्रियदर्शी पीयूष त्रिपाठी और दीपक मिश्रा ने अभियोजन पक्ष के पक्ष में छह गवाह पेश किए. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने संजय रस्तोगी उर्फ शनि को दोषी पाया और कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही अदालत ने उसपर एक लाख रुपये के जुर्माना भी लगाया.

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