नयी दिल्ली. भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने सोमवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब वह ‘एलओपी’ (विपक्ष के नेता) से ‘एलओबी’ (लीडर ऑपोजिंग भारत) बन गये हैं और उनके एजेंडे में केवल भारतीय सेना तथा प्रधानमंत्री का विरोध करना लिखा है. ठाकुर ने सदन में नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पता नहीं वह (राहुल) ”कांग्रेस के पोस्टर ब्वॉय” बन पाए न बन पाए लेकिन पाकिस्तान के ”दुष्प्रचार के पोस्टर ब्वॉय” बन गए हैं.

उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा, ”जब भारतीय सेना पाकिस्तान को करारा जवाब दे रही थी…तो राहुल गांधी जी क्या कर रहे थे? वह सबूत मांग रहे थे.” भाजपा सांसद ने विपक्षी दलों पर पलटवार करते हुए कहा, ”आपने कहा कि हमने ‘सरेंडर’ कर दिया. जबकि हमने स्पष्ट किया है कि जब तक अभियानगत सैन्य उद्देश्य पूरा नहीं किया, हमने संघर्ष विराम नहीं किया था. और तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को हमने पहले ही नकार दिया था.” उन्होंने कहा, ”भारत ‘ढाई मोर्चे’ पर लड़ाई लड़ रहा था. दो मोर्चे तो सबको पता हैं लेकिन यह जो ‘आधा मोर्चा’ है उसमें ‘राहुल ऑक्यूपाइड कांग्रेस’ भी है.” उन्होंने कहा, ”राहुल अब ‘एलओपी’ से ‘एलओबी’ (भारत का विरोध करने वाले नेता) बन गए हैं और उनके एजेंडे में केवल देश का तथा भारतीय सेना और प्रधानमंत्री का विरोध करना लिखा हुआ है.” ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में आज पाकिस्तान के इतने बड़े-बड़े ‘एडवोकेट’ हैं कि पाकिस्तान अपनी पैरवी बाद में करता है, कांग्रेस के नेता उसकी पैरवी करने के लिए पहले खड़े हो जाते हैं.

भाजपा सांसद ने कहा कि उन्हें पहले लगता था कि इन्हें दिक्कत मोदी जी से है, लेकिन अब पूरा विश्वास गया है कि इन्हें दिक्कत मातृभूमि से है. उन्होंने मुख्य विपक्षी दल पर तंज कसते हुए कहा, ”कहने को तो यह आईएनसी (इंडियन नेशनल कांग्रेस) है, लेकिन इनके बयानों और तरीकों से यही लगता है कि यह ‘इस्लामाबाद नेशनल कांग्रेस’ बन गयी है.” ठाकुर ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ”आतंकवाद के विरूद्ध भारत का शंखनाद” था.

उन्होंने कहा कि पूरे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राहुल जी की यह जानने में रूचि थी कि ”भारत के कितने विमान गिराये गए…आखिर वे किसके साथ यह जानकारी साझा करने चाहते थे? जिनके हाथ रक्षा दलाली में रंगे रहे हों, अब किसके लिए दलाली करना चाहते हैं?” उन्होंने कहा कि जब सेना की उपलब्धि की बात आती है तो उसकी तारीफ करने में विपक्ष के ”होंठ क्यों सिल जाते हैं.”

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