राष्ट्रवाणी: रणवीर शौरी को CJP प्रोटेस्ट का विरोध करने पर ईमेल पर लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिसकी शिकायत अभिनेता ने मुंबई पुलिस में की। रणवीर शौरी को मिली जान से मारने की धमकी/फोटो-इंस्टाग्राम रणवीर शौरी को CJP प्रोटेस्ट की आलोचना पर धमकी जान से मारने और लोकेशन ट्रैक करने की चेतावनी मिली मुंबई पुलिस में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज और साइबर सेल से भी मांगी मदद एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली।
कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) के सड़को पर उतरकर प्रोटेस्ट करने पर रणवीर शौरी (Ranvir Shorey) ने हाल ही में निशाना साधते हुए तीखा हमला बोला थी, जिसके बाद से ही लगातार उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। एक्टर ने सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचना करने पर किस तरह से धमकाया जा रहा है, उसके स्क्रीनशॉट शेयर करते पुलिस में दर्ज करवाई गई प्राथमिकी (एफआईआर) के बारे में भी बताया।
मंगलवार को बिग बॉस (Bigg Boss) के एक्स कंटेस्टेंट रणवीर शौरी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, “आधिकारिक तौर पर मैंने शिकायत दर्ज करवा दी है और अब यह मामला मुंबई पुलिस के पास है। उन सभी लोगों का धन्यवाद, जिन्होंने मेरी लाइफ को लेकर चिंता व्यक्त की।” पुलिस में दर्ज करवाई गई शिकायत की घोषणा से पहले अभिनेता ने अपने अकाउंट पर गाली-गलौच से भरे और शारीरिक हिंसा करने वाले धमकी भरे ईमेल के स्क्रीनशॉट शेयर किए।
एक सेंडर ने तो कथित तौर पर ये भी दावा किया कि वह रणवीर की लोकेशन को लगातार ट्रैक कर रहे हैं और सही वक्त आने पर उन पर करारा जवाब देते हुए तीखा हमला बोला जाएगा। लगातार मिल रही धमकियों को नजरअंदाज न करते हुए अभिनेता ने ऑनलाइन खतरों के खिलाफ पुलिस से मदद मांगी। मुंबई पुलिस में ऑफिशियल शिकायत दर्ज करने से पहले रणवीर शौरी ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हुए साइबर दोस्त और महाराष्ट्र साइबर को भी टैग किया और लिखा, “प्लीज ध्यान दें मुझे इन दो ईमेल आइडी से लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही है।
धन्यवाद।” रणवीर शौरी को मिल रही धमकियों और उनकी शिकायत के बाद मुंबई पुलिस और साइबर सेल के अधिकारी भी हरकत में आए। मुंबई पुलिस ने रणवीर शौरी के पोस्ट पर जवाब देते हुए लिखा, “हम आपकी शिकायत के बाद इस चीज को फॉलो कर रहे हैं। आपका कॉन्टेक्ट डिटेल्स प्राइवेटली डीएम करें।
रणवीर शौरी ने CJP प्रोटेस्ट की आलोचना करते हुए लिखा था, “आपकी संख्या पार्लियामेंट में दिखाइए, सड़कों पर नहीं। अगर आपको ये रास्ते अन्यायपूर्ण लगते हैं, तो कोर्ट का सहारा लीजिए। यही लोकतांत्रिक तरीका है।
सड़कों पर कब्जा करके पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून को हाथ में लेना लोकतंत्र की हत्या है।”

