राष्ट्रवाणी (बीजापुर ब्यूरो): बीजापुर: राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली के विशेष मॉनिटर आर. हेमंत कुमार ने अपने बीजापुर प्रवास के दौरान जिले में संचालित विभिन्न संस्थानों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नैमेड स्थित हैचरी का निरीक्षण किया तथा कन्या शिक्षा परिसर पहुंचकर छात्राओं से सीधे संवाद किया।
भ्रमण का प्रमुख उद्देश्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, कार्यप्रणाली तथा जनजातीय समुदाय से जुड़े हितों एवं अधिकारों की जमीनी स्थिति का अवलोकन करना रहा।
- विशेष मॉनिटर हेमंत कुमार ने सर्वप्रथम नैमेड स्थित हैचरी का भ्रमण किया।
- छात्राओं से संवाद के दौरान विशेष मॉनिटर ने आवासीय परिसर की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया।
- राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर का यह भ्रमण विशेष रूप से जनजातीय समुदाय के अधिकारों, शिक्षा के अवसरों तथा संस्थागत सुविधाओं की उपलब्धता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा।
विशेष मॉनिटर हेमंत कुमार ने सर्वप्रथम नैमेड स्थित हैचरी का भ्रमण किया।
यहां उन्होंने हैचरी में संचालित गतिविधियों, उत्पादन प्रक्रिया, उपलब्ध संसाधनों एवं कार्य संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से चर्चा कर हैचरी की कार्यप्रणाली तथा उसके संचालन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने कन्या शिक्षा परिसर का निरीक्षण किया।
यहां छात्राओं से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी शैक्षणिक गतिविधियों, पढ़ाई-लिखाई की स्थिति, शिक्षकों द्वारा अध्यापन तथा विद्यालय के वातावरण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से उनकी दैनिक दिनचर्या, अध्ययन के लिए उपलब्ध सुविधाओं एवं शैक्षणिक आवश्यकताओं को लेकर भी चर्चा की। छात्राओं से संवाद के दौरान विशेष मॉनिटर ने आवासीय परिसर की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया।
उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, पेयजल की उपलब्धता, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाओं, छात्रावास की व्यवस्था एवं सुरक्षा संबंधी पहलुओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। साथ ही छात्राओं से विशेष मॉनिटर ने छात्राओं की बातों एवं अनुभवों को गंभीरता से सुना। उन्होंने शिक्षा के साथ छात्राओं के सर्वांगीण विकास, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुरक्षित आवासीय व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया।
निरीक्षण के दौरान संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति को समझने पर विशेष जोर दिया गया। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर का यह भ्रमण विशेष रूप से जनजातीय समुदाय के अधिकारों, शिक्षा के अवसरों तथा संस्थागत सुविधाओं की उपलब्धता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा।
भ्रमण के माध्यम से जिले के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में संचालित संस्थानों की जमीनी व्यवस्थाओं को समझने तथा संबंधित विभागों से प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया। इस अवसर पर एसडीएम राकेश साहू, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग देवेन्द्र पटले, तहसीलदार पंचराम सलामे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

