रायपुर एवं रायगढ़ के आयुष अस्पताल में आयुर्वेदिक उपचार ने जटिल से जटिल रोगों के मरीजों के जीवन में नई उम्मीद जगा दी है। बदलते जीवनशैली और खानपान के कारण मधुमेह, बीपी, सर्वाइकल, माइग्रेन, मोटापा जैसी बीमारियों ने आम जनता को परेशान कर रखा था। ऐसे में छत्तीसगढ़ शासन के आयुष विभाग द्वारा मुफ्त में उपलब्ध कराई जा रही आयुर्वेदिक चिकित्सा से अब लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

प्रभावशाली कहानियां:
लुवा सारथी (78): दो वर्षों से मधुमेह और बीपी से पीड़ित, आयुर्वेदिक उपचार और जीवनशैली के बदलाव से शुगर 390 से घटकर 170-180 और बीपी 170-180 से घटकर 130/70 हो गया। दो महीने पहले एलोपैथी भी छोड़ दी।

गनपत उरांव (38): सर्वाइकल पेन और स्पोंडिलाइटिस से जूझ रहे, सर्जरी की सलाह थी, लेकिन आयुर्वेदिक पंचकर्म से 70% सुधार। अब बिना सर्जरी सामान्य जीवन जी रहे हैं।

यासिम हुसैन (30): वजन कम होने से कमजोरी, दो महीने में 49 से 60 किलोग्राम तक पहुंचा।

बंटी मेहर: सिरदर्द, कमजोरी, 8 किलो वजन बढ़ा और स्वास्थ्य सुधरा।

ममता जोशी (43): बाल झड़ना, एसिडिटी, एनीमिया, मोटापा, हीमोग्लोबिन 13, मासिक धर्म नियमित।

बी. डड़सेना (37): 8-9 वर्षों से एलर्जी, माइग्रेन, तनाव में राहत।

डॉ. माकेश्वरी संभाकर जोशी का कहना है:”आयुर्वेद जीवनशैली का संपूर्ण उपचार है। नियमित रूप से आहार-विहार और चिकित्सकीय परामर्श से जटिल रोग भी ठीक हो सकते हैं।”

आयुर्वेद न केवल रोगों का इलाज करता है, बल्कि जीवनशैली में सुधार कर संपूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करता है। रायगढ़ के आयुष अस्पताल की यह मुफ्त सुविधा उन लोगों के लिए वरदान है, जो बिना अधिक खर्च के बेहतर स्वास्थ्य की तलाश में हैं।



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