RBI का बड़ा ऐलान: सरकार को मिला रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ का डिविडेंड, महंगाई और आयात दबाव के बीच राहत-भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.87 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड देने का ऐलान किया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 6.7 प्रतिशत ज्यादा है। पश्चिम एशिया में तनाव, महंगे आयात और सप्लाई चेन पर दबाव के बीच यह कदम सरकार के लिए बड़ी आर्थिक राहत साबित होगा। RBI की बढ़ी हुई कमाई और मजबूत बैलेंस शीट ने इस फैसले को संभव बनाया है।

RBI की कमाई में जबरदस्त उछाल, बैलेंस शीट में भी वृद्धि-RBI की कुल शुद्ध आय वित्त वर्ष 2026 में 3.96 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल 3.13 लाख करोड़ रुपये थी। इसके साथ ही बैंक की बैलेंस शीट करीब 20.61 प्रतिशत बढ़कर 91.97 लाख करोड़ रुपये हो गई है। विदेशी मुद्रा भंडार, बॉन्ड निवेश और ब्याज आय में बढ़ोतरी के कारण RBI की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है, जिससे सरकार को यह बड़ा डिविडेंड मिल पाया।

आर्थिक चुनौतियों के बीच सरकार को मिली बड़ी राहत-पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल, उर्वरक और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हैं। रुपये की कमजोरी ने आयात महंगा कर दिया है। ऐसे समय में RBI का यह डिविडेंड सरकार के लिए राहत की खबर है, जो बढ़ते खर्च और वैश्विक आर्थिक दबावों से निपटने में मदद करेगा। भारत अपनी जरूरत का 88 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, इसलिए यह राशि महत्वपूर्ण साबित होगी।

RBI बोर्ड की बैठक में लिया गया अहम फैसला-RBI की 623वीं केंद्रीय बोर्ड बैठक गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें वैश्विक और घरेलू आर्थिक हालात की समीक्षा की गई। बैठक में डिप्टी गवर्नर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। इसी बैठक में सरकार को डिविडेंड ट्रांसफर करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया, जो आर्थिक स्थिरता के लिए जरूरी माना जा रहा है।

जोखिम फंड में भी बढ़ोतरी, CRB में ट्रांसफर की गई बड़ी राशि-RBI ने Contingent Risk Buffer (CRB) में इस बार 1.09 लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं, जो पिछले साल 44,861 करोड़ रुपये थे। हालांकि CRB अनुपात इस बार 6.5 प्रतिशत रखा गया है, जो पिछले साल 7.5 प्रतिशत था। यह फैसला revised Economic Capital Framework के तहत जोखिम और आर्थिक हालात को ध्यान में रखकर लिया गया है।

सरकार को कैसे मिलेगा फायदा?-विशेषज्ञों के अनुसार RBI से मिलने वाला यह रिकॉर्ड डिविडेंड सरकार के राजकोषीय घाटे को कम करने में मदद करेगा। सरकार इस राशि का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर, सब्सिडी, सामाजिक योजनाओं और विकास परियोजनाओं में कर सकती है। बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच यह राशि सरकार को अतिरिक्त आर्थिक ताकत देगी और बाजार में सकारात्मक संकेत भी भेजेगी।

RBI डिविडेंड क्या होता है?-RBI अपनी कमाई का एक हिस्सा जोखिम प्रबंधन और रिजर्व में रखने के बाद बची हुई राशि सरकार को ट्रांसफर करता है, जिसे डिविडेंड या अधिशेष राशि कहा जाता है। यह रकम मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा निवेश, सरकारी बॉन्ड और बैंकिंग ऑपरेशंस से होने वाली कमाई से आती है। इस बार रिकॉर्ड डिविडेंड मिलने से RBI की वित्तीय मजबूती और अर्थव्यवस्था की स्थिरता का पता चलता है।

 

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