कीव. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस के साथ पिछले चार साल से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए अगले कुछ दिनों में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद शांति समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है. उन्होंने बताया कि इसके बाद अमेरिकी दूत अगले सप्ताहांत अमेरिका में संभावित बैठकों से पहले समझौते के मसौदे को रूस के समक्ष प्रस्तुत करेंगे.
जेलेंस्की ने सोमवार देर रात संवाददाताओं से कहा कि र्बिलन में दिन में अमेरिका के साथ चर्चा की गई शांति योजना का मसौदा ‘‘बहुत ही व्यावहारिक’’ है. यूक्रेन के राष्ट्रपति ने हालांकि आगाह किया कि रूस के कब्जे में उसके क्षेत्र सहित कुछ मुद्दे हैं, जो अब भी अनसुलझे हैं. अमेरिका के नेतृत्व में की जा रही शांति की कोशिशें आगे बढ़ती प्रतीत हो रही हैं. लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अमेरिका, यूक्रेन और पश्चिमी यूरोप के अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए कुछ प्रस्तावों पर आपत्ति जता सकते हैं, जिनमें यूक्रेन के लिए युद्धोत्तर सुरक्षा गारंटी भी शामिल है.
अमेरिकी अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि उनके द्वारा तैयार की गई शांति योजना के लगभग 90 प्रतिशत ंिबदुओं पर यूक्रेन और यूरोप में सहमति है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हम शांति समझौते के पहले से कहीं अधिक करीब हैं.’’ हालांकि, अब भी कई मुद्दों पर गतिरोध बना हुआ है.
जेलेंस्की ने दोहराया कि यूक्रेन, देश के आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण डोनबास क्षेत्र के किसी भी हिस्से पर रूस के नियंत्रण को मान्यता नहीं देगा. डोनबास में लुहांस्क और दोनेत्स्क क्षेत्र शामिल हैं. रूस की सेना का इन दोनों क्षेत्रों पर पूर्ण नियंत्रण नहीं है. जेलेंस्की ने मंगलवार को नीदरलैंड्स की यात्रा पर रवाना होने से पहले कहा, ‘‘अमेरिकी समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं. वे डोनबास में एक मुक्त आर्थिक क्षेत्र का प्रस्ताव दे रहे हैं. मैं एक बार फिर इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि ‘मुक्त आर्थिक क्षेत्र’ का अभिप्राय रूसी संघ के नियंत्रण में होना नहीं है.’’ भूमि का मुद्दा व्यापक समझौते के रास्ते में सबसे कठिन बाधाओं में से एक बना हुआ है. पुतिन चाहते हैं कि सैन्य कार्रवाई के जरिये कब्जे में लिये गए चार प्रमुख क्षेत्रों के साथ ही 2014 में कब्जा किये गए क्रीमिया प्रायद्वीप को रूसी क्षेत्र के रूप में मान्यता दी जाए.
