नागपुर. नेपाल में हाल में हुए ‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शनों और भारतीय निर्यात पर अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे शुल्कों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता सुनील आंबेकर ने सोमवार को कहा कि हिंदू समाज को मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि विश्व दुनिया भर में जारी साजिशों से मुक्त हो सके.
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख आंबेकर ने यहां संवाददाताओं से कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उद्देश्य है कि पूरी दुनिया संकट से मुक्त हो. वह आरएसएस के शताब्दी समारोह की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जो दो अक्टूबर को विजयादशमी से नागपुर में शुरू होगा. नेपाल में कथित भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ हाल ही में हुए ‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शनों के कारण के पी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. विरोध प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 72 लोग मारे गए थे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से होने वाले निर्यात पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया है. अमेरिकी सरकार ने यह भी कहा है कि 21 सितंबर के बाद जमा किए जाने वाले सभी नये एच-1बी वीजा आवेदनों पर 100,000 अमेरिकी डॉलर का शुल्क देना होगा.
नेपाल में जो कुछ हुआ, उसके बारे में आरएसएस के आकलन और क्या भारत को अमेरिकी सरकार के फैसलों के बीच अपनी विदेश नीति पर आत्मनिरीक्षण करना चाहिए, इस बारे में पूछे जाने पर, आंबेकर ने कहा, “आरएसएस समेत पूरा भारत देश की प्रगति और मजबूती के लिए काम कर रहा है और निश्चित रूप से भारत को इतना मजबूत बनना चाहिए कि दुनिया के किसी भी समाज को ऐसे संकट का सामना न करना पड़े.” उन्होंने कहा, ”आरएसएस का उद्देश्य है कि पूरा विश्व संकट से मुक्त हो. हिंदू समाज को मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि विश्व दुनिया भर में जारी साजिशों और दुनिया के सामने आने वाले संकट से मुक्त हो सके.” आंबेकर ने यह भी कहा कि आरएसएस शताब्दी वर्ष के दौरान अपने कार्यक्रमों के तहत देश भर के शहरों और गांवों में लगभग 1,03,000 स्थानों पर ‘हिंदू सम्मेलन’ आयोजित करने की योजना बना रहा है.
