वाराणसी: श्रावण मास के चौथे और अंतिम सोमवार को लखनऊ, वाराणसी, संभल और उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई और ‘‘हर हर महादेव’’, ‘‘बम बम भोले’’ के जयकारे गूंजते रहे। वाराणसी में, हजारों श्रद्धालु सुबह से ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में पूजा-अर्चना के लिए कतारों में खड़े दिखे।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, भगवान शिव की मूर्ति को रुद्राक्ष से सजाया गया था, जिससे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और उन्होंने इस दिव्य श्रृंगार को देखकर अपार प्रसन्नता व्यक्त की।

वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। मंदिर ट्रस्ट ने कहा कि सुचारू और सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है, जिसमें पेयजल काउंटर, चिकित्सा सहायता डेस्क, खोया-पाया केंद्र और सुरक्षा चौकियां शामिल हैं।

संभल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संभल में रुक-रुक कर हो रही बारिश के बावजूद, श्रद्धालुओं ने प्रमुख शिव मंदिरों में बड़े उत्साह के साथ जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया।

चंदौसी स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर, बहजोई स्थित सआदत बड़ी पातालेश्वर और 46 वर्षों के बाद श्रद्धालुओं के लिए खुले कार्तिकेय महादेव मंदिर सहित कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखी गई।

राजघाट, नरौरा, हरिद्वार और बृजघाट से गंगाजल लेकर आए हजारों कांवड़ियों ने स्थानीय मंदिरों में जलाभिषेक किया। श्रावण मास के अंतिम सोमवार के लिए मंदिरों की ओर जाते श्रद्धालुओं के जयघोष से जिले भर की सड़कें गूंज उठीं।

भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
स्थानीय निवासी मनोज गुप्ता ने बताया कि उन्होंने चामुंडा मंदिर में रुद्राभिषेक किया। चंदौसी में बूंदाबांदी के बावजूद सुबह की प्रार्थना में शामिल हुए एक अन्य श्रद्धालु भुवनेश कुमार वार्ष्णेय ने कहा, ‘‘बारिश भी हमारे उत्साह को कम नहीं कर सकी।’’ लखनऊ में मनकेश्वर मंदिर में भारी भीड़ थी, जहां बारिश के बीच भी श्रद्धालु दर्शन के लिए कतार में खड़े दिखे।

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