मुंबई. स्थानीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला लगातार तीसरे दिन बुधवार को जारी रहा और दोनों मानक सूचकांक लाभ में रहे. बीएसई सेंसेक्स 595 अंक चढ़ा जबकि एनएसई निफ्टी में 189 अंक की तेजी रही. वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी के बीच आईटी तथा टिकाऊ उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी लिवाली से बाजार में तेजी बनी रही.
कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी सरकार के कामकाज ठप होने के संभावित समाधान और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर में कटौती की उम्मीद से बाजार धारणा को मजबूती मिली. तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 595.19 अंक यानी 0.70 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,466.51 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 780.69 अंक चढ़कर 84,652.01 अंक के उच्चस्तर पर पहुंच गया था. एनएसई निफ्टी 180.85 अंक यानी 0.70 प्रतिशत चढ़कर 25,875.80 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान, एक समय यह 239.6 अंक तक चढ़ गया था.
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट नंदीश शाह ने कहा, ”निफ्टी ने लगातार तीसरे सत्र में अपनी बढ़त का सिलसिला जारी रखा और अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते को लेकर उम्मीद के कारण 180 अंक बढ़कर 25,875 अंक पर बंद हुआ. सूचकांक 140 अंक की मजबूत बढ़त के साथ खुला और पूरे दिन अपनी बढ़त बनाए रखी.” उन्होंने कहा, ”इसके अलावा, एक्जिट पोल से यह संकेत मिला है कि बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सत्ता में वापसी करेगा, जिससे निवेशकों का उत्साह और बढ़ा.” सेंसेक्स में शामिल शेयरों में एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी र्सिवसेज, बजाज फिनसर्व, अदाणी पोर्ट्स, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, इन्फोसिस, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मास्युटिकल, इटर्नल, टाइटन और बजाज फाइनेंस प्रमुख रूप से लाभ में रहे.
दूसरी ओर, नुकसान में रहने वाले शेयरों में टाटा स्टील, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, टाटा मोटर्स कर्मिशयल व्हीकल्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, कोटक महिंद्रा बैंक और पावरग्रिड शामिल हैं. जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”अमेरिकी सरकार के कई विभागों में कामकाज ठप होने के संभावित समाधान को लेकर उम्मीद बढ़ने और अमेरिकी श्रम बाजार में नरमी के संकेतों के बीच फेडरल रिजर्व के नीतिगत दर में कटौती की बढ़ती उम्मीदों के साथ, नए जोखिम उठाने की क्षमता के कारण वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी आई.” नायर ने कहा कि उभरते बाजारों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जो वैश्विक धारणा में सुधार को दर्शाता है.
बड़ी कंपनियों का बीएसई लार्जकैप में 0.63 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. वहीं मिडकैप में 0.44 प्रतिशत, जबकि स्मॉलकैप में 0.76 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ”भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता की संभावनाओं में सुधार को लेकर उम्मीद और प्रमुख कंपनियों की दूसरी तिमाही की उत्साहजनक नतीजों ने निवेशकों की धारणा को और मजबूत किया.” बीएसई में सूचीबद्ध कुल 2,509 शेयरों में तेजी रही, जबकि 1,701 में गिरावट आई. वहीं 163 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.
एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, हांगकांग का हैंगसेंग, जापान का निक्की बढ़त में रहे, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट नुकसान में रहा. यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में काफी हद तक बढ़त का रुख था. अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.84 प्रतिशत घटकर 64.61 डॉलर प्रति बैरल रहा.
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 803.22 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,188.47 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स 335.97 अंक चढ़ा था जबकि एनएसई निफ्टी में 120.60 अंक की तेजी थी.

