नयी दिल्ली. संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में विभिन्न आरोपों के तहत जेल में बंद भारतीय नागरिक शहजादी को 24 घंटे के भीतर फांसी दिये जाने संबंधी खबरें गलत हैं, और दूतावास मामले पर लगातार नजर बनाये हुए है. सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी.
सूत्रों के मुताबिक, शहजादी के मामले में ‘समीक्षा याचिका’ दायर की गई है और मामला विचाराधीन है. शहजादी उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की रहने वाली है.

सितंबर 2024 की शुरुआत में शहजादी के पिता शब्बीर ने बांदा में कहा था कि उनकी बेटी लंबे समय से यूएई की जेल में है और उसने उन्हें फोन करके बताया था कि उसे 20 सितंबर के बाद कभी भी फांसी दी जा सकती है. शब्बीर ने यह भी कहा था कि उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ई-मेल भेजकर अपनी बेटी की जान बचाने का अनुरोध किया है. इससे पहले दिन में कुछ खबरों में बताया गया था कि शहजादी को ’24 घंटे के भीतर फांसी दी जा सकती है’.

हालांकि, सूत्रों ने बताया कि इस तरह की खबरें, सरासर ‘गलत’ है, जिसमें कहा गया है कि ‘शहजादी को 24 घंटे के भीतर फांसी दे दी जाएगी.’ सूत्रों के मुताबिक, भारतीय दूतावास ने यूएई अधिकारियों से इसकी ‘पुष्टि’की है. सूत्रों ने बताया, ”उसके (शहजादी के) मामले में एक समीक्षा याचिका दायर की गई है और मामला विचाराधीन है.” सूत्रों ने बताया कि दूतावास मामले पर नजर बनाये हुए है.

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