राष्ट्रवाणी (रायपुर ब्यूरो): राज्य ब्यूरो, , रायपुर। सिमगा थाना क्षेत्र के दरचुरा गांव के पास 26 अक्टूबर को हुए बस-ट्रक हादसे में पांच यात्रियों की मौत के मामले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों की संयुक्त टीम की जांच में कई बड़ी लापरवाहियां सामने आई हैं।
जांच में पता चला कि हाईस्पीड लेन में 62 टन का ओवरलोड ट्रक 12 घंटे से अधिक समय तक खड़ा था। उस पर न तो रेडियम-रिफ्लेक्टर लगे थे, न पेंट था और न ही हैजार्ड लाइट जल रही थी। ट्रक की क्षमता 42 टन थी, लेकिन उस पर 20 टन से ज्यादा अतिरिक्त माल लदा हुआ था।
खराब होने के बाद भी उसे हटाने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। टीम ने घटनास्थल, बस और ट्रक का निरीक्षण किया। यातायात सलाहकार संजय शर्मा ने बताया कि हादसे की बड़ी वजह उनींदा चालक, अनियंत्रित गति और हाईस्पीड लेन में खड़ा ओवरलोड ट्रक था।
टोल प्लाजा पर मौजूद 30 टन क्षमता की क्रेन इतने भारी वाहन को हटाने में सक्षम नहीं थी। हादसे के बाद बड़ी क्रेन मंगाकर वाहनों को हटाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि यात्री बस में केवल एक चालक था।
कोरबा में बस रोकने के बाद रायल ट्रैवल के चालक को महज एक घंटे की नींद मिली थी। हादसे से करीब 30 मिनट पहले बस ने 24 किलोमीटर का सफर तय किया था और उसकी रफ्तार लगभग 70 किमी प्रति घंटा थी। हादसे के बाद बस चालक पर मामला दर्ज किया गया है और आरटीओ को तकनीकी जांच के निर्देश दिए गए हैं।

