लंदन. इंग्लैंड को आखिरी दिन सिर्फ 35 रन चाहिये थे और भारत को लेने थे चार विकेट . कइयों को भरोसा नहीं था कि भारतीय टीम इस मुकाम से मैच जीत लेगी लेकिन मोहम्मद सिराज कुछ और सोचकर आये थे और उन्होंने वह कर दिखाया जो क्रिकेटप्रेमी बरसों तक याद रखेंगे .

चार में से तीन विकेट चटकाकर सिराज ने भारत को छह रन से चमत्कारिक जीत और श्रृंखला में बराबरी दिलाई . इसके साथ ही पिछले कुछ अर्से की सबसे कड़ी और नाटकीय श्रृंखला में से एक का शानदार अंत हुआ. मैच के आखिरी दिन सुबह अपने फोन पर ‘बिलीव’ इमोजी वॉलपेपर लगाने वाले सिराज ने 30 . 1 ओवर में 104 रन देकर पांच विकेट लिये . दूसरे छोर पर प्रसिद्ध कृष्णा (126 रन पर चार विकेट) ने भी उनका साथ बखूबी निभाया और अंतत: इंग्लैंड की टीम 374 रन के लक्ष्य से दूर रह गई और भारत ने पांच मैच की श्रृंखला 2-2 से बराबर कर दी.

चौथे दिन थोड़ी देर की बारिश के बाद समय से पहले दिन का खेल खत्म करने के फैसले पर स्टुअर्ट ब्रॉड और माइकल वॉन जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने सवाल उठाए थे लेकिन यह उचित ही लगा कि बेहद कड़ी श्रृंखला का निर्णायक मैच भी बाकी चार मुकाबलों की तरह आखिरी दिन तक चला. दिन की शुरुआत तेज धूप के साथ हुई लेकिन खेल शुरू होने से दो घंटे पहले साफ आसमान को काले बादलों को घेर लिया जिससे भारत और उनके प्रशंसकों की उम्मीदें और जग गई. पांचवें दिन द ओवल दर्शकों से खचाखच भरा था और 25 पाउंड के बावजूद 27,500 दर्शकों की क्षमता वाला स्टेडियम तुरंत भर गया.

मैच शुरू होने से पहले भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ अपनी बहस के लिए सुर्खियां बटोरने वाले मैदान के मुख्य क्यूरेटर ली फोर्टिस ने सुबह आखिरी बार भारी रोलर का इस्तेमाल किया जिससे आमतौर पर खेल के शुरुआती 30 मिनट में बल्लेबाजी थोड़ी आसान हो जाती है. जब खेल शुरू हुआ तो भारत को 22 गेंद के बाद नई गेंद मिली थी लेकिन इंग्लैंड ने उम्मीद के मुताबिक शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया.

प्रसिद्ध कृष्णा के 23वें ओवर की चार गेंद बाकी थी और उन्हें शुरुआत शॉर्ट गेंद के साथ की जिसे जेमी ओवरटन (09) ने बाउंड्री के दर्शन कराए. अगली गेंद पर अंदरूनी किनारे से चौका लगा जिससे इंग्लैंड को मैच जीतने के लिए सिर्फ 27 रन की जरूरत थी. सिराज ने इसके बाद पवेलियन छोर गेंदबाजी का जिम्मा संभाला और पुरानी गेंद से कहर बरपाया. उन्होंने खतरनाक जेमी स्मिथ (02) को तीसरी ही गेंद पर विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के हाथों कैच कराया जिससे स्टेडियम में मौजूद भारतीय प्रशंसक एक साथ खुशी से झूम उठे.

अगली गेंद पर गस एटकिंसन (17) भाग्यशाली रहे कि गेंद उनके बल्ले से टकराने के बाद स्लिप में लोकेश राहुल के हाथों तक नहीं पहुंची. अपने अगले ओवर में सिराज ने ओवरटन को तेजी से अंदर आती गेंद पर पगबाधा किया. सिराज ने डीआरएस का सहारा लिया लेकिन अंपायर्स कॉल के कारण उन्हें वापस पवेलियन लौटना पड़ा. प्रसिद्ध ने इसके बाद जोश टंग (00) को फुल लेंथ की गेंद पर बोल्ड करके इंग्लैंड का स्कोर नौ विकेट पर 350 रन किया.

ऋषभ पंत पिछले मैच में जहां भारत के लिए पैर में फ्रेक्चर के बावजूद बल्लेबाजी के लिए उतरे तो इस मैच में क्रिस वोक्स ने कंधे की चोट के एक हाथ से बल्लेबाजी के लिए उतरकर सभी का सम्मान हासिल किया. अदम्य साहस का वह क्षण 1963 की याद दिलाता है जब कॉलिन काउड्रे टूटे हुए हाथ के साथ बल्लेबाजी करने आए थे और उन्होंने इंग्लैंड को वेस्टइंडीज के खिलाफ ड्रॉ कराने में मदद की थी. वोक्स बल्लेबाजी करने की स्थिति में नहीं थे इसलिए एटकिंसन के पास बड़े शॉट खेलने के अलावा कोई विकल्प नहीं था.

एटकिंसन ने लॉन्ग ऑन बाउंड्री को निशाना बनाया और आकाश दीप की ओर हवा में शॉट खेला जिन्होंने गेंद तक पहुंचने में सफल तो रहे लेकिन उनके हाथ से टकराकर गेंद सीमा रेखा के पार छह रन के लिए चली गई. जल्द ही लक्ष्य एकल अंक में पहुंच गया. एटकिंसन ने दो बार अंतिम गेंद पर रन लेकर स्ट्राइक अपने पास रखी लेकिन अंतत: सिराज ने यॉर्कर पर उनका स्टंप उखाड़कर श्रृंखला का अविश्वसनीय अंत किया.

हर कप्तान का सपना है सिराज जैसा गेंदबाज: गिल

भारतीय कप्तान शुभमन गिल का मानना है कि मोहम्मद सिराज जैसी क्षमता और कौशल वाला गेंदबाज हर कप्तान का सपना होता है. गिल ने साथ ही 2-2 की बराबरी को इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैच की श्रृंखला में दिखाए गए क्रिकेट के स्तर का ‘उचित प्रतिबिंब’ करार दिया. गिल ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान माइकल आथर्टन से कहा, ”सिराज किसी भी कप्तान का सपना है. उन्होंने हर गेंद और हर स्पैल में अपना सब कुछ झोंक दिया. 2-2 की बराबरी एक उचित प्रतिबिंब है. यह दर्शाता है कि दोनों टीम कितने जोश से भरी थीं और उन्होंने कितना अच्छा खेला.” कप्तान ने तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की भी तारीफ की जिन्होंने मैच में आठ विकेट लिए. वह हालांकि थोड़े महंगे साबित हुए.

सिराज के लिए कमाल की श्रृंखला और परिणाम : ब्रूक
इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने सोमवार को पांचवें टेस्ट की अंतिम सुबह अपनी टीम के लिए एक आसान जीत की कल्पना की थी लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की साहसिक गेंदबाजी ने मेजबान टीम की उम्मीदों पर पानी फेर दिया . भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर द्वारा इंग्लैंड टीम के ‘प्लेयर आफ द सीरिज ‘चुने गए ब्रूक ने कहा ,” मुझे लगा था कि हम आसानी से जीत जायेंगे लेकिन जिस तरीके से सिराज ने गेंदबाजी की, वह इस सफलता का हकदार था . उसने श्रृंखला में कमाल का प्रदर्शन किया और फिनिश भी .” इंग्लैंड को आखिरी दिन सिर्फ 35 रन की जरूरत थी और उसके चार विकेट सुरक्षित थे .

ब्रूक ने कहा ,” मुझे लगा था कि भारी रोलर फिराये जाने के बाद पिच सपाट होगी लेकिन बादल होने से गेंद घूम रही थी . वोक्स (चोटिल क्रिस) को उतरना ही था लेकिन बदकिस्मती से हम जीत नहीं सके .” उन्होंने कहा ,” जब मैं और जो रूट बल्लेबाजी कर रहे थे तब हमारी पारी अच्छी चल रही थी लेकिन इस श्रृंखला में काफी उतार चढाव देखने को मिले हैं और फिनिश भी उसी तरह से हुआ . मैं मैच को जल्दी से जल्दी खत्म करना चाहता था .” उन्होंने कहा ,” मैने श्रृंखला में ठीक ठाक खेला लेकिन जीत नहीं पाने का मलाल रहेगा . काफी प्रतिस्पर्धी श्रृंखला थी और हमने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी .”

मैं इस जीत को अपने करियर के शीर्ष पर रखूंगा: राहुल
सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुल ने सोमवार को कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 से टेस्ट श्रृंखला ड्रॉ कराना ‘भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार पलों में से एक होगा’ क्योंकि यह एक ऐसी टीम द्वारा हासिल किया गया था जिसे विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों की अनुपस्थिति में ‘दावेदार नहीं माना गया था’.

राहुल ने मैच के प्रसारकों से कहा, ” हमने भारत को विश्व कप उठाते हुए देखा है, मेरा मतलब है कि विश्व कप जीतने की बराबरी कोई नहीं कर सकता. लेकिन हर किसी के मन में इतने संदेह, इतने सवाल थे कि क्या टेस्ट क्रिकेट रहेगा या नहीं. मुझे लगता है कि दोनों टीमों ने जिस तरह से इस श्रृंखला में खेला है, मुझे लगता है कि हमने उस सवाल का जवाब दे दिया है.” उन्होंने कहा, ” श्रृंखला से पहले किसी को उम्मीद नहीं थी कि हमारी टीम इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दे पायेगी. हमारे लिए हर मैच में संघर्ष कर वापसी करना और श्रृंखला को 2-2 से बराबर करना शानदार है. मुझे लगता है कि यह जीत हमारे लिए और भविष्य में भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लिए सबसे ऊपर रहेगी.”

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