गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के भारतीय साझेदारों से कथित संबंधों की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) को 10 सितंबर तक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं.
शर्मा ने कहा कि एसआईटी को कोई विस्तार नहीं दिया जाएगा और वह 12 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. उन्होंने कहा कि इसके बाद 15 सितंबर से पहले मंत्रिमंडल की बैठक कर अगला कदम तय किया जायेगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए), केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपने पर मंत्रिमंडल फैसला करेगा. उन्होंने कहा कि एसआईटी की पहुंच सीमित है और वह दो साल से पुराने फोन रिकॉर्ड या संपर्कों का पता नहीं कर सकती, जबकि एनआईए 2010 तक की गतिविधियों का पता लगा सकती है.

शर्मा ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तानी सेना के साथ “अच्छे संबंध” हैं और यहां तक कि सांसद ने “आधिकारिक तौर पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत तौर पर” पाकिस्तान का दौरा किया था और वहां 15 दिन तक वहां रहे थे. शर्मा ने कहा कि कोलबर्न 19 बार पाकिस्तान गई थीं और वहां पाकिस्तानी सेना के अधिकारी उनके साथ थे.

उन्होंने कहा था, “हमारे पास सबूत हैं कि वह (गोगोई) वाघा-अटारी सीमा से पाकिस्तान गए थे.” उन्होंने कहा कि गोगोई की लोकसभा में हालिया टिप्पणी से असम की जनता र्शिमंदा है. शर्मा ने कहा, “गोगोई ने यहां तक पूछ लिया कि मिसाइल को नजदीक से क्यों नहीं, बल्कि दूर से क्यों दागा गया. वह इतने बड़े वैज्ञानिक हैं कि भारतीय वायुसेना को इतनी आधुनिक तकनीक इस्तेमाल करने के लिए बधाई देने के बजाय, उन्होंने हमारी सशस्त्र सेनाओं पर ही सवाल उठा दिए.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में गोगोई के भाषण से यह साबित हो गया है कि उन्हें अपने देश से कभी प्यार नहीं था. उन्होंने कहा, “गोगोई के बच्चे और पत्नी विदेशी नागरिक हैं. मैं स्पष्ट रूप से कह सकता हूं कि निकट भविष्य में वह अपनी नागरिकता भी बदल देंगे. जब उनके परिवार के तीन सदस्य भारतीय नहीं हैं, तो वह अस्थायी रूप से ही भारतीय रहेंगे.”

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