मुंबई: सोनी सब का शो इत्ती सी खुशी अन्विता (सुम्बुल तौकीर खान) की कहानी है, जो अपने छोटे भाई-बहनों के लिए हर मुश्किल का सामना करती है। जैसे-जैसे शो उनके भाई-बहनों की कस्टडी की ओर बढ़ रहा है, यह लड़ाई और भी तीखी होती जा रही है। अब अन्विता यह साबित करने के लिए अपने जीवन के सबसे अहम् मोड़ पर खड़ी है कि वह अपने परिवार की रक्षा कर सकती है और उन्हें एक सुरक्षित भविष्य दे सकती है।
आने वाले एपिसोड्स में संजय (ऋषि सक्सेना) अन्विता की प्रतिष्ठा पर वार करता है, ताकि कस्टडी केस में उसे कमजोर किया जा सके। संजय एक रिपोर्टर को अन्विता के कैफे में आयोजित इवेंट में भेजता है, जो सार्वजनिक रूप से अन्विता के चरित्र पर सवाल उठाता है और उसके एक्स-बॉयफ्रेंड विराट (रजत वर्मा) के साथ अनुचित नज़दीकी का इशारा करता है। यह सुनकर अन्विता हैरान रह जाती है और धीरे-धीरे फुसफुसाहट और अफवाहें फैलने लगती हैं। कस्टडी सुनवाई नज़दीक आने के साथ ही अन्विता समझ जाती है कि यह लड़ाई सिर्फ कानूनी अधिकारों की नहीं है, बल्कि उसकी इज़्ज़त बचाने और यह साबित करने की है कि वह अपने भाई-बहनों को एक सम्मानजनक और स्थिर जीवन दे सकती है। आरोपों के बीच अन्विता को अपनी ताकत दिखानी होगी और डटकर मुकाबला करना होगा।
क्या अन्विता इन आरोपों को खामोश कर पाएगी और अपने भाई-बहनों की कस्टडी जीत पाएगी?
इस दौर पर अपने विचार साझा करते हुए सुम्बुल तौकीर खान कहती हैं, “जब मैंने यह सीन पढ़ा, तो मुझे सबसे ज़्यादा यह बात लगी कि जैसे ही कोई लड़की अपने दम पर खड़ी होती है, लोग उसके चरित्र पर सवाल उठाने लगते हैं। अन्विता को एक बेहद असहज स्थिति में डाल दिया जाता है, जहाँ उसे सबके सामने सवालों का सामना करना पड़ता है और यह किसी को भी हिला सकता है। लेकिन, अन्विता तय करती है कि वह इन आरोपों को अपनी पहचान नहीं बनने देगी। गुस्से से जवाब देने के बजाए वह सच्चाई पर टिकती है और अपने आत्मविश्वास से खड़ी रहती है। निजी तौर पर मुझे हमेशा लगता है कि महिलाओं को उनके चुनावों के लिए बहुत जल्दी जज कर दिया जाता है, इसलिए यह सीन मेरे लिए बहुत वास्तविक था। अन्विता की वह शांत ताकत मुझे शूटिंग के दौरान गहराई से महसूस हुई।”
