सूरजपुर: छुई वन परिक्षेत्र अंतर्गत भैंसामुंडा जंगल में एक बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। मौके पर पहुंचे वन अमले ने प्रारंभिक जांच में बाघ के शरीर पर कई चोटों के निशान पाए हैं, जिससे हमले या शिकारियों के जाल में फंसने की आशंका गहराई है। सूत्रों के अनुसार, मृत बाघ वन मंडल सूरजपुर के रेंज घुई, कक्ष क्रमांक 705 में पाया गया। मृत बाघ को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उसकी मौत सामान्य नहीं है। बाघ के शरीर पर मिले गंभीर घाव कई सवाल खड़े कर रहे हैं।

घटना की खबर मिलते ही बलरामपुर और सूरजपुर वन परिक्षेत्र की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेराबंद कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वन अधिकारियों ने कहा कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम होगी। स्थानीय वनवासियों ने बताया कि हाल के दिनों में क्षेत्र में शिकारियों की गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, जिसके चलते इस घटना को लेकर संदेह और मजबूत हो रहा है।

वन विभाग आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान संचालित कर रहा है और शंका के आधार पर कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है। वन अमला इस घटना को गंभीर वन्यजीव अपराध मानते हुए उच्च अधिकारियों को पूरी जानकारी भेज चुका है। विभाग ने बाघ की मौत के कारणों का खुलासा करने के लिए विशेष टीम गठित की है। जंगलों में सिकुड़ते आवास और बढ़ती मानव गतिविधियों के बीच बाघ की यह मौत वन्यजीव संरक्षण पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

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