राष्ट्रवाणी: प्रतिनिधि, अंबिकापुर। सरगुजा जिले में नाबालिग स्कूली छात्रा से दुष्कर्म के मामले में पीड़ित परिवार पर समझौते के लिए दबाव बनाने के आरोप में पुलिस ने सात लोगों के विरुद्ध नामजद केस दर्ज किया है। मामले की जांच के दौरान दो और लोगों के नाम सामने आए हैं। इन्हें भी आरोपित बनाया गया है। अब प्रकरण में कुल नौ लोग नामजद हैं। पुलिस के अनुसार घटना 20 जुलाई को हुई थी। इसके बाद आरोपित तरुण जायसवाल ने पीड़िता और उसके परिवार को धमकाकर डराने का प्रयास किया। इससे परिवार दो दिनों तक सहमा रहा। 22 जुलाई को ग्रामीणों के साथ पीड़ित परिवार कोतवाली पहुंचा और केस दर्ज कराया। केस दर्ज होने के बाद तरुण जायसवाल फरार हो गया था। कोतवाली पुलिस ने साइबर सेल की मदद से उसे बिहार के पटना से गिरफ्तार किया। न्यायालय के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है। घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार पर केस दर्ज नहीं कराने और समझौता करने के लिए दबाव बनाने के आरोप लग रहे थे। इस बीच इंटरनेट मीडिया पर एक पंचनामा भी प्रसारित हुआ। इसमें कुल आठ लाख रुपये का उल्लेख था। इसमें चार लाख रुपये तत्काल और चार लाख रुपये फरवरी 2027 में देने की बात लिखी थी। पंचनामा पर सात लोगों के हस्ताक्षर थे। आरोप है कि घटना की रात कुछ लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और मामले को आगे बढ़ाने के बजाय समझौते का दबाव बनाया। परिवार को थाने जाने से रोककर बैठक भी बुलाई गई। इसी बैठक में पंचनामा तैयार कर हस्ताक्षर कराए जाने का आरोप है। पंचनामा पुलिस को उपलब्ध कराए जाने के बाद उसमें मौजूद हस्ताक्षरों के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने विवेक पैकरा, अशोक, जगजीवन राम, सरजू तिर्की, नान साय, नोहर साय और शिशुराम के विरुद्ध केस दर्ज किया है। इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 249 का खंड दो, धारा 351 का खंड दो तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 21 का खंड दो के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। नगर निरीक्षक शशिकांत सिन्हा ने बताया कि सात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान दो और लोगों के नाम सामने आए हैं। इन्हें भी मामले में आरोपित बनाया गया है। इस तरह अब प्रकरण में कुल नौ लोग नामजद आरोपित हैं।

राष्ट्रवाणी एक डिजिटल समाचार एवं जनचर्चा मंच है, जिसका उद्देश्य विश्वसनीय पत्रकारिता, सार्थक राष्ट्रीय विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली तरीके से समाज के सामने प्रस्तुत करना है।

हम मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करने का दायित्व भी है। “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रवाणी देश, समाज, शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, तकनीक, संस्कृति और जनसरोकारों से जुड़े विषयों को गहराई और तथ्यात्मक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करता है।

संपादक : नीरज दीवान

मोबाइल नंबर : 7024799009

© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.
Exit mobile version