राष्ट्रवाणी: हर दिन ऑफिस, कॉलेज या सफर में पानी की बोतल हमारे साथ रहती है. हम बार-बार उसी से पानी पीते हैं, इसलिए उसकी सफाई सबसे जरूरी होती है. लेकिन कई बार बोतल को धोने के बाद भी उसमें अजीब सी बदबू रह जाती है, तो कभी ढक्कन खोलते ही बदबू आती है. इसकी वजह अंदर जमी गंदगी, नमी या ढक्कन के आसपास पनपने वाले बैक्टीरिया और फफूंद होते हैं. कई लोग सिर्फ पानी भरकर बोतल हिला देते हैं और उसे साफ मान लेते हैं, जबकि इससे अंदर की परत पर जमी गंदगी नहीं निकलती. आप इसे रसोई में रखी कुछ आसान चीजों से साफ कर सकते हैं. बोतल में एक से दो छोटे चम्मच बेकिंग सोडा डालें और ऊपर से गुनगुना पानी भर दें. इसे कुछ देर यूं ही रहने दें, ताकि अंदर जमी गंदगी और गंध ढीली पड़ जाए. इसके बाद बोतल वाले ब्रश से अंदर तक अच्छी तरह रगड़ें. खासकर बोतल के तले और गर्दन वाले हिस्से पर ध्यान दें, क्योंकि वहां गंदगी सबसे ज्यादा जमती है. फिर साफ पानी से कई बार धोएं, ताकि सोडे की कोई परत न बचे. अगर घर में बेकिंग सोडा नहीं है, तो हल्के बर्तन धोने वाले साबुन और गुनगुने पानी से भी सफाई हो सकती है. याद रखें कि सिर्फ पानी भरकर हिलाने से अंदर की गंदगी पूरी तरह नहीं निकलती, इसलिए ब्रश का इस्तेमाल जरूर करें. कई बार बोतल अंदर से साफ हो जाती है, फिर भी बदबू नहीं जाती. इसकी वजह अक्सर ढक्कन, रबर की रिंग या स्ट्रॉ होती है. इन हिस्सों में नमी और गंदगी जमा रह जाती है, जहां बैक्टीरिया और फफूंद आसानी से पनपते हैं. इसलिए ढक्कन के जो हिस्से अलग हो सकते हैं, उन्हें खोलकर साबुन और पानी से अलग-अलग धोएं. अगर बोतल में स्ट्रॉ लगी है, तो पतले ब्रश से स्ट्रॉ के अंदर भी सफाई करें. बदबू ज्यादा हो, तो सफेद सिरके और पानी का घोल इस्तेमाल करें. आखिर में सभी हिस्सों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. बोतल साफ करने के बाद उसे सही तरीके से सुखाना भी उतना ही जरूरी है. धोने के बाद बोतल को उल्टा रखें और ढक्कन खुला छोड़ दें, ताकि नमी पूरी तरह निकल जाए. गीली बोतल को तुरंत बंद करने से गंध दोबारा आ सकती है. रोज इस्तेमाल होने वाली बोतल को हर दिन साबुन और पानी से धोएं और हफ्ते में एक बार ढक्कन, स्ट्रॉ और रबर की रिंग की अच्छी सफाई करें. अगर बोतल में फफूंद दिखाई दे तो साफ होने तक उसका इस्तेमाल न करें. बोतल में दूध, जूस या कोई मीठा ड्रिंक रखा हो तो उसे उसी दिन धो लें. इतना सब करने के बाद भी अगर बदबू न जाए या बोतल में दरारें पड़ गई हों, तो उसे बदल देना बेहतर है. साफ बोतल में पानी का स्वाद भी बेहतर रहता है और सेहत भी सुरक्षित रहती है. निर्जला गौड़ इस वक्त ABP Live की लाइफस्टाइल डेस्क पर इंटर्न के तौर पर काम कर रही हैं. वह मंदसौर यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में अपनी डिग्री कर रही हैं. इससे पहले वह EBNW Stories में कंटेंट राइटर के तौर पर इंटर्नशिप कर चुकी हैं. डिजिटल जर्नलिज्म और कंटेंट क्रिएशन में उनकी खास रुचि है. आसान, आकर्षक और रिलेटेबल अंदाज में कहानियों को पेश करना और पाठकों तक जानकारी को प्रभावी तरीके से पहुंचाना उनकी खासियत है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.

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