राष्ट्रवाणी: मेहदी हसन (Mehdi Hassan) का 55 साल पुराना गजल आज भी दिलों को सुकून पहुंचाता है। इस गीत के बोल आपका दिल छू लेंगे। मेहंदी हसन का गजल 55 साल बाद भी अमर।
फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया प्रेमी के टूटे हुए दिल की टीस करती है बयां 59 साल से राज कर रही मेहदी हसन की गजल एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। शहंशाह-ए-गजल कहे वाले मेहदी हसन (Mehdi Hassan) ने सिनेमा को कई यादगार गजलों से नवाजा है। उनका एक गजल इतना पॉपुलर हुआ था जिसका असर 59 साल भी खत्म नहीं हुआ है।
मेहदी हसन (Mehdi Hassan Ghazal) का ये गजल जुदाई, दर्द और कसक को बयां करता है। एक प्रेमी जो अपनी प्रेमिका से अलग होने के बाद अपने दिल में उठ रहे टीस को भावुक बोल के साथ जाहिर करता है। जिस गीत की हम बात कर रहे हैं, वो भारतीय नहीं बल्कि पाकिस्तानी फिल्म ‘दोबारा’ (Dobara) का है।
इसी नाम से भारतीय फिल्म ‘दो बारा’ (Do Bara) भी आई थी। हालांकि, पाकिस्तानी फिल्म ‘दोबारा’ के लिए मेहदी हसन ने एक गजल गाया था जो इंडिया में भी खूब सुनी जाती है। एक बार रेखा ने भी एक इंटरव्यू में यही गजल गुनगुनाया था।
यह गजल मेहदी हसन की मशहूर गजल ‘मुझे तुम नजर से गिरा तो रहे हो’ (Mujhe Tum Nazar Se Gira To Rahay Ho) गीत है। यह गजल ‘दोबारा’ फिल्म के लिए गाया गया था जिसे मेहदी हसन की आवाज ने हमेशा-हमेशा के लिए म्यूजिक लवर्स के दिलों में उतार दिया था। इस गीत को अभिनेता वाहिद मुराद पर फिल्माया गया।
यह गजल टूटे हुए दिल की टीस, जुदाई का गम और अंदर की बेचैनी को बयां करता है। इस गजल में प्रेमी दिल ही दिल अपनी प्रेमिका द्वारा ठुकराए जाने की कसक बता रहा है। मसरूर अनवर की लिखी इस गजल के एक-एक बोल आपके दिलों में बस जाएंगे।
इसका संगीत भी दिल छूने वाला है। इसे सोहेल राणा ने अपनी धुनों से सजाया। 1967 से यह गजल हर म्यूजिक लवर्स के दिलों में बसता है।
वक्त बीतता गया, लेकिन यह गजल दुनियाभर में हर जेनरेशन के बीच अमर रहा। यह कल्ट क्लासिक सैड सॉन्ग्स (Cult Classic Sad Songs) में से एक है।
