नयी दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने सोमवार को कहा कि मिस्र के शर्म अल-शेख में गाजा शांति शिखर सम्मेलन में भारत की तरफ से राज्य मंत्री को भेजना अपने आप को रणनीतिक रूप से सीमित करने तथा ‘एक चूके हुए अवसर’ की तरह है. विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह इस शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.

ऐसा बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया था, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और लगभग 20 अन्य विश्व नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. हालांकि, भारत सरकार ने सिंह को शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भेजा.

थरूर ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया ”शर्म अल-शेख गाजा शांति शिखर सम्मेलन में राज्य मंत्री के स्तर पर भारत की उपस्थिति, वहां एकत्रित राष्ट्राध्यक्षों के बिल्कुल विपरीत है. रणनीतिक रूप से सीमित करना या चूका हुआ अवसर है?” पूर्व विदेश राज्य मंत्री थरूर ने कहा, “यह कीर्तिवर्धन सिंह पर कोई टिप्पणी नहीं है और उनकी योग्यता पर कोई सवाल नहीं है, लेकिन वहां दिग्गजों की मौजूदगी को देखते हुए भारत के इस फैसले को रणनीतिक दूरी बनाए रखने की प्राथमिकता के संकेत के रूप में देखा जा सकता है, जो हमारे बयानों से ज़ाहिर नहीं होता.”

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