नयी दिल्ली. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों में व्यापक स्तर पर हुई अव्यवस्था राजस्व हानि के साथ ही उड़ानों के रद्द होने पर संभावित जुर्मानों की वजह से वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती है. मूडीज रेंिटग्स ने सोमवार को यह बात कही.
रेंिटग एजेंसी ने कहा कि एयरलाइन एक साल से अधिक पहले विमानन उद्योग के लिए निर्धारित नियमों के लिए सही योजना नहीं बना पाई, जिसके चलते उसे इस विफलता का सामना करना पड़ा.

मूडीज ने एक टिप्पणी में कहा कि ये अव्यवस्थाएं एयरलाइन की साख के लिए भी नकारात्मक हैं. इसमें कहा गया, ”अस्थायी राहत के बावजूद नए विमानन नियमों के लिए प्रभावी योजना न बना पाना एयरलाइन की साख के लिए नकारात्मक है.” यह अव्यवस्था बेहद व्यस्त शीतकालीन उड़ान सत्र की वजह से और बिगड़ गई. इस बार उड़ानें रद्द होने का सिलसिला दो दिसंबर से शुरू हुआ और एयरलाइन ने पांच दिसंबर को 1,600 से अधिक उड़ानों को रद्द किया. एयरलाइन अभी तक सामान्य स्थिति बहाल नहीं कर पाई है. सोमवार को भी 500 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं.

मूडीज ने कहा, ”ये व्यवधान साख के लिए नकारात्मक हैं, क्योंकि इंडिगो को राजस्व हानि, उड़ान रद्दीकरण, रिफंड और प्रभावित यात्रियों को अन्य क्षतिपूर्ति के साथ ही डीजीसीए द्वारा लगाए जा सकने वाले जुर्मानों के कारण महत्वपूर्ण वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.” मूडीज ने योजना, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में एयरलाइन की महत्वपूर्ण चूक को इसका प्रमुख कारण बताया क्योंकि ये नियम उद्योग को एक साल से अधिक पहले बताए गए थे.

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