राष्ट्रवाणी: आज के डिजिटल समय में लोगों को स्मार्ट डिवाइसेज के साथ-साथ डेटा की भी चिंता होने लगी है. साइबर ठग भी काफी एडवांस हो चुके हैं जो नए तरीकों से लोगों के डेटा को चुरा लेते हैं. अक्सर देखा गया है कि लोग अपने डेटा को सुरक्षित रखने के लिए एक्सटर्नल SSD का इस्तेमाल करते हैं. आजकल बड़ी फाइलों, फोटो, वीडियो और जरूरी डॉक्यूमेंट्स को स्टोर करने के लिए ये एक फेमश डिवाइस बन चुका है. एक्सटर्नल SSD की स्पीड नॉर्मल हार्ड ड्राइव के मुकाबले काफी तेज होती है और इन्हें आसानी से लैपटॉप या डेस्कटॉप से कनेक्ट किया जा सकता है. लेकिन कुछ छोटी-छोटी गलतियां SSD की परफॉर्मेंस को खराब कर सकती हैं. साथ ही इससे आपका डेटा भी उड़ सकता है. इसके अलावा External SSD की स्टोरेज को पूरी तरह से भरना नहीं चाहिए. जब ड्राइव में बहुत कम स्पेस रह जाती है तो SSD की राइट स्पीड और ओवरऑल परफॉर्मेंस स्लो होने लगती है. इसीलिए SSD में हमेशा कुछ खाली जगह मौजूद रहे तो ज्यादा अच्छा रहता है. बहुत बड़ी फाइलों को लंबे समय तक स्टोर करने के बजाय बेकार के डेटा को समय-समय पर हटाते या दूसरी ड्राइव में बैकअप करते रहना चाहिए. SSD की स्पीड सिर्फ SSD पर ही निर्भर नहीं करती है. दरअसल, USB केबल और कंप्यूटर का पोर्ट भी इसमें एक बड़ी भूमिका निभाते हैं. खराब या घटिया क्वालिटी केबल से फाइल ट्रांसफर करने से स्पीड स्लो हो जाती है और बार-बार कनेक्शन टूटने जैसी समस्या आने लगती है. इसीलिए एक्सपर्ट्स भी सलाह देते हैं कि हमेशा अच्छी क्वालिटी वाली केबल का इस्तेमाल करना चाहिए. एक्सटर्नल SSD के साथ सबसे नॉर्मल गलती जो लोग करते हैं वो ये ही कि काम खत्म होने के बाद लोग इसे किसी भी डिवाइस से डॉयरेक्ट खींचकर निकाल देते हैं. अब ऐसे समय में अगर कोई फाइल लिखी या ट्रांसफर हो रही है तो अचानक कनेक्शन टूटने से डेटा करप्ट हो सकता है. इसीलिए SSD हटाने से पहले Windows में Safely Remove/Eject और Mac में Eject ऑप्शन का इस्तेमाल करना बेहतर ऑप्शन होता है. External SSD को बैकअप ड्राइव मानकर उसमें जरूरी डेटा की सिर्फ एक कॉपी रखना जोखिम भरा हो सकता है. SSD भी अचानक खराब हो सकता है, खो सकता है या गलती से फॉर्मेट भी हो सकता है. इसीलिए जरूरी फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स की दूसरी कॉपी किसी दूसरे ड्राइव या भरोसेमंद क्लाउड स्टोरेज पर भी संभाल कर रखना एक बेहतर ऑप्शन माना जाता है. अगर काम से जुड़े बहुत जरुरी डेटा है तो इसके लिए 3-2-1 बैकअप नियम को अपनाना चाहिए. हालांकि, SSD में पुराने हार्ड डिस्क की तरह घूमने वाले पार्ट्स नहीं होते हैं लेकिन फिर भी इन्हें काफी सावधानी के साथ इस्तेमाल करना चाहिए. ज्यादा तेज गर्मी, नमी से SSD और उसके कंट्रोलर को नुकसान पहुंच सकता है. बता दें कि ज्यादा तेज धूप में या बहुत गर्म जगह पर SSD को रखने से उसपर एक्सट्रा प्रेशर पड़ता है जिससे डिवाइस पूरी तरह खराब भी हो सकती है. खतरे से खाली नहीं Snapchat?
इन फीचर्स से बढ़ सकती है आपकी मुसीबत स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, एआई अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है. टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों को सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें आम लोगों की जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पेश करता हूं. खासतौर पर ऐसी खबरों पर काम करना पसंद करता हूं, जो लोगों के डिजिटल एक्सपीरियंस को सीधे प्रभावित करती हैं. इसके अलावा मुझे नई टेक्नोलॉजी एक्सप्लोर करना, स्मार्टफोन फीचर्स को समझना और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च करना पसंद है. मैं आसान भाषा और आकर्षक अंदाज में लिखने के लिए जाना जाता हूं, जिससे कठिन टेक्निकल बातें भी पाठकों के लिए समझना आसान हो जाती हैं. मैंने परास्नातक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है. We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.
