मुंबई. स्थानीय शेयर बाजार में बुधवार को तेजी लौटी और बीएसई सेंसेक्स 304 अंक चढ़ गया. अमेरिका में महंगाई दर स्थिर रहने के बीच वैश्विक बाजारों में तेजी के साथ धातु, वाहन और औषधि कंपनियों के शेयरों में लिवाली से घरेलू बाजार बढ़त में रहा. बीएसई का तीस शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 304.32 अंक यानी 0.38 प्रतिशत की मजबूती के साथ 80,539.91 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 448.15 अंक तक चढ़ गया था. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 131.95 अंक यानी 0.54 प्रतिशत बढ़कर 24,619.35 अंक पर पहुंच गया.
विश्लेषकों ने कहा कि जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति के आठ साल के निचले स्तर 1.55 प्रतिशत पर आने से घरेलू शेयर बाजार पर सकारात्मक असर हुआ. जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”भारतीय शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख देखने को मिला. इसका कारण खुदरा मुद्रास्फीति के आठ साल के निचले स्तर पर पहुंचना है. इससे वाहन और धातु शेयरों की अगुवाई में सोच-विचार कर खर्च से जुड़े क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद बढ़ी है.” वैश्विक स्तर पर चीन पर शुल्क लगाये जाने की समयसीमा बढ़ाए जाने और तेल की कीमतों में नरमी से धारणा में सुधार हुआ.
उन्होंने कहा, ”डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार रुख और वैश्विक जोखिमों को लेकर अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत की वृद्धि-मुद्रास्फीति की स्थिति वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुकूल बनी हुई है. शुल्क पर स्थिति अद्यतन होने पर मामूली गिरावट का जोखिम बना हुआ है. भारत 15 अगस्त को होने वाली ट्रंप-पुतिन बैठक का इंतजार कर रहा है.” सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटर्नल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स और पावर ग्रिड लाभ में रहे. दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाइटन शामिल हैं.
मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खुदरा मुद्रास्फीति जुलाई में घटकर आठ साल के निचले स्तर 1.55 प्रतिशत पर आ गयी. यह जनवरी, 2019 के बाद पहली बार रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से नीचे है. खाने का सामान सस्ता होने से महंगाई दर कम हुई है.
लेमन मार्केट्स डेस्क के विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा, ”घरेलू खुदरा मुद्रास्फीति में कमी, सकारात्मक वैश्विक संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की नई उम्मीदों के चलते भारतीय शेयर बाजारों में तेजी रही.” अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज लि. के शेयर में लगभग आठ प्रतिशत की तेजी आई और यह लाभ के मामले में निफ्टी 50 शेयरों में अग्रणी रहा. स्वास्थ्य सेवा प्रदाता कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़ने की सूचना के बाद कंपनी का शेयर चढ़ा. अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज का जून तिमाही में शुद्ध लाभ 42 प्रतिशत बढ़कर 433 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.
पेटीएम पेमेंट्स र्सिवसेज को ऑनलाइन भुगतान ‘एग्रीगेटर’ के रूप में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी मिलने के बाद पेटीएम के शेयर में तीन प्रतिशत की तेजी आई. बीएसई में सूचीबद्ध 2,230 शेयरों में तेजी रही जबकि 1,861 शेयरों में गिरावट आई. वहीं 155 शेयरों के भाव अपरिर्वितत रहे. छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.58 प्रतिशत और मझोली कंपनियों का मिडकैप सूचकांक 0.56 प्रतिशत चढ़ा.
एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहे. यूरोप के प्रमुख बाजार दोपहर के कारोबार में बढ़त में थे. अमेरिकी बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.36 प्रतिशत टूटकर 65.88 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 3,398.80 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. सेंसेक्स मंगलवार को 368.49 टूटा था, जबकि निफ्टी में 97.65 अंक की गिरावट आई थी.
