नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें कहा गया है कि विकलांग व्यक्तियों के कार खरीदने पर दी जाने वाली रियायती माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुविधा को प्रभावी रूप से खत्म कर दिया गया है.

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने केंद्र सरकार, जीएसटी परिषद सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा. पीठ ने कहा, ”नोटिस जारी कीजिए, चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करें.” यह आदेश एक पूर्ण नेत्रहीन व्यक्ति की ओर से दायर याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया. अधिवक्ता सजल जैन के माध्यम से दायर याचिका में विकलांगता अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 41 के अनुरूप सभी पात्र विकलांग व्यक्तियों के लिए रियायती जीएसटी व्यवस्था बहाल करने की अपील की गई है. यह धारा परिवहन के साधनों तक पहुंच से संबंधित है.

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