नयी दिल्ली: सरकार ने मंगलवार को बताया कि एक विशेषज्ञ समिति ने सिफारिश की है कि भारत मलेरिया वैक्सीन अपनाने के मानदंडों में नहीं आता क्योंकि यह टीके ऐसे क्षेत्रों में इस्तेमाल के लिए होते हैं जहां मलेरिया का संक्रमण मध्यम से उच्च स्तर का हो और बच्चों में मौत का खतरा अधिक हो।

स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा को मंगलवार को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उनसे पूछा गया था कि क्या भारत का पहला मलेरिया टीका ‘आर21/मैट्रिक्स-एम’ आॅक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और सीरम इंस्टीट्यूट आॅफ इंडिया द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है और क्या इसे देश में उपयोग के लिए नियामकीय मंजूरी मिली है।

अनुप्रिया पटेल ने लिखित जवाब में कहा, ‘‘भारत के संदर्भ में मलेरिया वैक्सीन के उपयोग को लेकर विधिवत गठित विशेषज्ञ समिति ने समीक्षा की, जिसने सिफारिश की कि भारत मलेरिया वैक्सीन अपनाने के मानदंडों में नहीं आता क्योंकि ये टीके मध्यम से उच्च संक्रमण स्तर वाले क्षेत्रों के लिए होते हैं, जहां बच्चों में मलेरिया से मौत का खतरा होता है।’’

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