नागपुर. पूर्व प्रधानमंत्रियों, इंदिरा गांधी और पी वी नरसिंह राव की सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहे वरिष्ठ आदिवासी नेता अरविंद नेताम बृहस्पतिवार को यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में मुख्य अतिथि होंगे.
आदिवासी नेता नेताम को निमंत्रण से राजनीतिक हलकों में कुछ लोगों को चौंका दिया है, क्योंकि 2023 के चुनाव में छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी ने महत्वपूर्ण आदिवासी वोटों को लामबंद करने में अहम भूमिका निभायी थी.

कार्यकर्ता विकास वर्ग (द्वितीय) नामक यह 25 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 12 मई को आरंभ हुआ था जिसमें देशभर से 840 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं. आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे जो स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण शिविर का समापन होगा. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 2018 में संघ के प्रशिक्षण शिविर समापन समारोह में भाग लिया था, जिसकी कांग्रेस पार्टी के कुछ वर्गों ने आलोचना की थी.

इस कार्यक्रम में आदिवासी मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले नेताम की उपस्थिति की अहमियत उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि और विशेषकर छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में उनके प्रभाव के कारण और भी बढ़ जाती है. यह निमंत्रण नेताम (83)द्वारा आदिवासी चिंताओं पर चर्चा करने के लिए रायपुर में आरएसएस प्रमुख से मुलाकात के छह महीने बाद आया है.

बस्तर से आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री ने 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी और तथा आदिवासी संगठनों के परिसंघ सर्व आदिवासी समाज से ही हमार राज पार्टी बनायी थी. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हमार राज ने 2023 के विधानसभा चुनाव में कम से कम दो विधानसभा क्षेत्रों और लोकसभा चुनाव के दौरान कांकेर संसदीय सीट पर कांग्रेस के प्रदर्शन को प्रभावित किया है.

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