राष्ट्रवाणी: Real Estate Investment Trusts: यह लेख बताता है कि कैसे रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) निवेशकों को सीधे संपत्ति खरीदे …और पढ़ें प्रॉपर्टी खरीदे बिना REITs से पाएं नियमित आय, जानें निवेश का तरीका REITs सीधे संपत्ति खरीदे बिना रियल एस्टेट में निवेश का अवसर।
निवेशकों को हर तिमाही डिविडेंड के रूप में नियमित आय मिलती है। सेबी विनियमित और स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड, पारदर्शी व तरल निवेश। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशक हमेशा रिटर्न को लेकर टेंशन में रहते हैं।
अगर आप भी उन्हीं निवेशकों में से एक हैं तो आपको यह खबर जरूर पढ़नी चाहिए। क्योंकि शेयर बाजार में कुछ ऐसी चीजें भी होती हैं, जहां निवेश करके हर साल डिविडेंड के रूप में हर साल एक अच्छी खासी कमाई की जा सकती है। हम जिस चीज की बात कर रहे हैं, वह है- REIT यानी रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट।
अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट है क्या, और कैसे इसमें निवेश करके पैसा कमाया जा सकता है? आइए इन्हीं सवालों के जवाब जानते हैं। रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) एक ऐसी कंपनी या कहें इन्वेस्टमेंट टूल है, जो आपको बिना प्रॉपर्टी खरीदे इनकम देने वाली रियल एस्टेट प्रॉपर्टीज में इन्वेस्ट करने की सुविधा देता है।
अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आप बड़ी आसानी से REITs के जरिए रियल एस्टेट एसेट्स के पोर्टफोलियो में निवेश कर सकते हैं। REIT बड़ी-बड़ी कमर्शियल प्रॉपर्टीज जैसे ऑफिस बिल्डिंग, मॉल, होटल या वेयरहाउस को खरीदकर किराए पर देती है। जो किराया मिलता है, उसे बाद में निवेशकों में बाँट दिया जाता है।
REIT NSE और BSE जैसे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होते हैं। यानी आप इन्हें उसी तरह खरीद सकते हैं जैसे किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं। जैसे शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियां डिविडेंड देती है, वैसे ही REIT भी अपने निवेशकों को तिमाही या फिर छमाही आधार पर डिविडेंड देती हैं।” मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के नियमों के तहत, REIT के लिए जरूरी है कि वह अपने नेट डिस्ट्रिब्यूटेबल कैश फ्लो का कम से कम 90% हिस्सा यूनिट होल्डर को बांटे।
नियमों के अनुसार साल में कम से कम दो बार डिस्ट्रिब्यूशन करना जरूरी है, लेकिन भारत में सभी छह लिस्टेड REITs अभी हर तिमाही में डिस्ट्रिब्यूशन करते हैं। REIT को सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) रेगुलेट करता है। और ये स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होती हैं, जिससे ट्रांसपेरेंसी और लिक्विडिटी मिलती है।
REITs शेयर बाजार में लिस्ट होती हैं। भारत में कुल 6 रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट हैं जो शेयर बाजार में लिस्टेड हैं। REITs में निवेश करने से निवेशकों को सीधे प्रॉपर्टी के मालिक बने बिना ही रियल एस्टेट में निवेश करने का मौका देते है।
सीधे रियल एस्टेट में निवेश करने के लिए बहुत ज़्यादा पैसे की जरूरत होती है, क्योंकि इसमें फिजिकल प्रॉपर्टी खरीदनी पड़ती है और किराए का मैनेजमेंट करना होता है। यह काम काफी समय लेने वाला और मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इसमें सफल होने के लिए काफी अनुभव और जानकारी की जरूरत होती है। REITs में आप छोटी राशि से भी निवेश कर सकते हैं।
इससे आम निवेशक भी बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बन पाते हैं। यही वजह है कि REIT को ज्यादा आसान और किफायती विकल्प माना जाता है।” पिछले कुछ सालों में, भारतीय REITs ने औसतन 15% से ज्यादा का टोटल प्री-टैक्स रिटर्न दिया है। इंडियन REITs एसोसिएशन के डेटा के अनुसार, FY27 की पहली तिमाही (Q1) में, भारत की छह लिस्टेड REITs ने मिलकर यूनिट होल्डर्स को 3,136 करोड़ रुपये डिविडेंड (डिस्ट्रिब्यूट) के रूप में दिया।
कोई भी निवेशक रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट में ठीक उसी तरह निवेश कर सकता है जैसे वह किसी कंपनी के शेयरों में करता है क्योंकि REITs स्टॉकस एक्सचेंज प्लेटफॉर्म NSE-BSE में लिस्टेड होते हैं। आप अपने ब्रोकरेज ऐप या ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए इसमें सीधा निवेश कर सकते हैं।” जिस तरह से म्यूचुअल फंड में यूनिट्स मिलती है, ठीक उसी प्रकार REITs में निवेश के बदले आपको यूनिट्स मिलेंगी और फिर उसी यूनिट्स के आधार पर आपको डिविडेंड मिलता है।
यह डिविडेंड निवेश से होने वाली नियमित आय है। (लेखक -नीरज तोशनिवाल, CFO, नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट और एग्जीक्यूटिव कमिटी मेंबर, इंडियन REITs एसोसिएशन)
