राष्ट्रवाणी: पुतिन की ऑरस सीनेट एक लग्जरी और हाई-सिक्योरिटी लिमोजिन है, जिसे रूस ने अपनी तकनीकी क्षमता के प्रतीक के रूप …और पढ़ें पुतिन की कार दुनियाभर की सबसे अनोखी कारों में से एक है (Photo: reuters) ऑरस सीनेट रूस की उच्च-सुरक्षा वाली राष्ट्रपति कार है। यह बुलेटप्रूफ और विस्फोटरोधी सुरक्षा सुविधाओं से लैस है।
आम नागरिक संस्करण 1.8 करोड़ रूबल से उपलब्ध है। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| BRICS शिखर सम्मेलन में दुनिया के कई दिग्गज दिल्ली पहुंचे हैं। कई देश के राष्ट्राध्यक्षों के साथ ना सिर्फ उनके सहयोगी और डेलिगेशन पहुंचे बल्कि उनके लाव-लश्कर भी भारत आए हैं।
इसमें सबसे अधिक ध्यान खींचने वाले चीजों में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कार है। जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सफर कर चुके हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में गिने जाते हैं और उनकी ऑफिशियल कार भी उतनी ही खास मानी जाती है।
पुतिन जिस कार में चलते हैं, उसका नाम ऑरस सीनेट (Aurus Senat) है। यह रूस में विकसित एक लग्जरी और हाई-सिक्योरिटी लिमोजिन है, जिसे अक्सर रूस की “राष्ट्रपति कार” कहा जाता है। इस कार को अमेरिकी राष्ट्रपति की प्रसिद्ध कार “द बीस्ट” के रूसी जवाब के रूप में भी देखा जाता है।
आइए जानते हैं ये कार वास्तव में कितनी स्पेशल है? इसके अलावा इसकी कीमत और आम लोगों के खरीदने पर भी बात करेंगे। ऑरस सीनेट को रूस की ऑटोमोबाइल कंपनी Aurus Motors ने विकसित किया है।
इसे रूस के सेंट्रल साइंटिफिक रिसर्च ऑटोमोबाइल एंड ऑटोमोटिव इंजन इंस्टीट्यूट (NAMI) की मदद से बनाया गया। साल 2018 में राष्ट्रपति पद के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पहली बार पुतिन को इस कार में सार्वजनिक रूप से देखा गया था। यह कार सिर्फ लग्जरी वाहन नहीं बल्कि एक चलता-फिरता सुरक्षा कवच भी है।
एक्सपर्ट्स और कई रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें बुलेटप्रूफ बॉडी, विस्फोटरोधी सुरक्षा और विशेष सैन्य स्तर के सिक्योरिटी फीचर्स का उपयोग किया गया है। हालांकि सुरक्षा कारणों से इसकी पूरी तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कार केमिकल अटैक, गोलियों और छोटे विस्फोटों से भी यात्रियों की सुरक्षा करने में सक्षम है।
पुतिन की ऑरस सीनेट का वजन सामान्य लग्जरी कारों की तुलना में काफी अधिक है। इसका कारण इसमें इस्तेमाल किए गए सिक्योरिटी लेयर्स और विशेष सुरक्षा उपकरण हैं। कार में State-of-the-art communication system भी है, जिससे राष्ट्रपति अपने सुरक्षा अधिकारियों और सरकारी तंत्र से लगातार संपर्क में रह सकते हैं।
इंजन की बात करें तो ऑरस सीनेट में पावरफुल V8 हाइब्रिड इंजन का इस्तेमाल किया गया है। यह इंजन करीब 600 हॉर्सपावर से अधिक की ताकत पैदा करता है। इतनी भारी कार होने के बावजूद इसकी स्पीड और परफॉर्मेंस काफी प्रभावशाली माना जाता है।
कार को इस तरह डिजाइन किया गया है कि जरूरत पड़ने पर यह तेजी से सुरक्षित स्थान तक पहुंच सके। कार का इंटीरियर भी बेहद शानदार है। इसमें प्रीमियम लेदर सीटें, माडर्न डिजिटल डिस्प्ले, हाई क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम और उच्च स्तरीय आराम सुविधाएं मौजूद हैं।
रूस ने इस कार को केवल एक वाहन के रूप में नहीं बल्कि अपनी तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में भी पेश किया है। सोवियत संघ के दौर में रूसी नेता अक्सर विदेशी या सीमित डोमेस्टिक मॉडल की कारों का उपयोग करते थे, लेकिन ऑरस सीनेट के जरिए रूस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वह उच्च श्रेणी की लग्जरी और सुरक्षा कारों के निर्माण में भी सक्षम है।
आज ऑरस सीनेट केवल राष्ट्रपति पुतिन की आधिकारिक कार नहीं है, बल्कि रूस की तकनीकी महत्वाकांक्षा, राष्ट्रीय गौरव और सुरक्षा क्षमताओं का प्रतीक बन चुकी है। दुनिया भर में जब भी पुतिन किसी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में इस कार से पहुंचते हैं, तो इसकी सुरक्षा और विशेषताओं को लेकर चर्चा शुरू हो जाती है।
कार की खासियत जानने के बाद कई लोगों के मन में सवाल आता है कि क्या ये काम आम नागरिक खरीद सकते हैं या नहीं? बता दें Aurus Senat का आम (सिविलियन) वर्जन खरीदा जा सकता है, लेकिन यह बेहद महंगी लग्जरी कार है और इसकी बिक्री भी सीमित संख्या में होती है। रूस में इसकी कीमत लगभग 1.8 करोड़ रूबल (करीब ₹2.5–3 करोड़) से शुरू होती है।
लेकिन जिस बख्तरबंद कार में व्लादिमीर पुतिन सफर करते हैं, वह आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है। उसमें अतिरिक्त सुरक्षा, संचार और अन्य विशेष व्यवस्थाएं होती हैं, जिनकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार इसकी लागत सामान्य मॉडल से काफी अधिक हो सकती है।

