राष्ट्रवाणी: हाल ही में फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार द्वारा 174 यात्रियों की जान बचाने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय पायलटों …और पढ़ें कितनी होती है कैप्टन की सैलरी (ai photo) कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट हमले के बावजूद 174 यात्रियों को बचाया। अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर भारतीय पायलटों का वेतन ₹1.8 करोड़ सालाना तक।
उड़ान घंटों, लेओवर और अन्य भत्तों से सैलरी में वृद्धि। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: बीते दिन फ्लाईदुबई (Flydubai) की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (smit machchhar) पर कॉकपिट में हुए जानलेवा हमले और उसके बाद सूझबूझ से 174 यात्रियों की जान बचाने की घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है।
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले वाकये ने यह साबित कर दिया है कि एक इंटरनेशनल पायलट की जिम्मेदारी कितनी बड़ी और जोखिम भरी होती है। यही वजह है कि आज के समय में अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर विमान उड़ाने वाले भारतीय पायलट्स की सैलरी (pilot salary) कॉर्पोरेट जगत के टॉप-लेवल अधिकारियों के बराबर, यानी सालाना ₹1.8 करोड़ तक पहुंच चुकी है।
ऐसे में आइए जानते हैं कि जो पायलट्स विमान उड़ाते हैं उनकी सैलरी कितनी सैलरी मिलती है। एविएशन सेक्टर के जानकारों और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटरनेशनल रूट्स और बड़े विमानों (जैसे Boeing 777, 787 या Airbus A350) को संभालने वाले पायलट्स का सैलरी स्ट्रक्चर काफी हैवी होता है। कैप्टन स्मित मच्छार के वाकये से साफ है कि 34,000 फीट की ऊंचाई पर सैकड़ों जिंदगियों की सुरक्षा पायलट के हाथों में होती है।
इसी हाई-प्रेशर जॉब प्रोफाइल के कारण उन्हें कई अतिरिक्त भत्ते मिलते हैं, जो उनकी टेक-होम सैलरी को काफी बढ़ा देते हैं। भारतीय पायलट्स की बहादुरी और अनुशासन की मांग ग्लोबल मार्केट में बहुत ज्यादा है। कैप्टन स्मित ने भी भारतीय एयरलाइन (SpiceJet) से अपने करियर की लंबी शुरुआत कर फ्लाईदुबई जैसे इंटरनेशनल करियर को चुना था।
खाड़ी देशों (Gulf Carriers) जैसे Emirates, Qatar Airways या Etihad में जाने पर भारतीय पायलट्स को ₹15 लाख से ₹25 लाख प्रति महीना तक की टैक्स-फ्री (Tax-Free) सैलरी की पेशकश की जाती है।

