राष्ट्रवाणी: भारत की दूसरी सबसे बड़ी चीनी कंपनी बलरामपुर चीनी मिल्स के मालिक कौन हैं? हाल ही में, कंपनी के लखीमपुर …और पढ़ें 308 टायरों वाला ट्रक 200 टन का वेसल ले जा रहा है। बलरामपुर चीनी मिल्स के चेयरमैन और एमडी विवेक सरावगी हैं।
कंपनी भारत की सबसे बड़ी चीनी उत्पादक कंपनियों में से एक है। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। एक ऐसा ट्रक जो जहां से गुजरता है वहीं सैकड़ों लोगों की भीड़ लग जाती है।
भला ये भीड़ हो भी क्यों ना… इस ट्रक में 20-50 पहिए नहीं बल्कि 308 टायर लगे हैं। इस 308 चक्के वाले ट्रक में 200 टन वजन का वेसल लदा है। ये विशालकाय वेसल उत्तर प्रदेश राज्य में मौजूद बलरामपुर चीनी फैक्टरी में जा रहा है, जो कि इसके लखीमपुर वाले कुंभी यूनिट में लगेगा।
इस चर्चा के बीच लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि इस वेसल को बेल्जियम से मंगाने वाली कंपनी बलरामपुर चीनी के मालिक कौन हैं? इसके बारे में हम यहां विस्तार से बता रहे हैं। बलरामपुर चीनी मिल्स साल 1975 में बनी और तब से अब तक के सफर में यह भारत की सबसे बड़ी चीनी बनाने वाली कंपनियों में से एक बन गई है।
इस कंपनी ने भले शुरुआत चीनी प्रोडक्शन की हो लेकिन धीर-धीरे इसने डिस्टिलरी और को-जेनरेशन (सह-उत्पादन) के क्षेत्रों में अपने पैर जमा लिए हैं। कंपनी शीरा (molasses), अल्कोहल, इथेनॉल और खोई (bagasse) से लेकर बिजली उत्पादन तक का अब काम करती है। कंपनी की गन्ना पेराई क्षमता 80,000 टन प्रतिदिन, डिस्टिलरी क्षमता 1050 KL प्रतिदिन और बिक्री योग्य को-जेनरेशन क्षमता 175.7 मेगावाट है।
बलरामपुर चीनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक सरावगी हैं। वहीं आवंतिका सरावगी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। विवेक सरावगी इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और उन्होंने कोलकाता में FICCI और इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के कमिटी मेंबर के तौर पर भी काम किया है।
बलरामपुर चीनी (Balrampur Chini Mills Ltd) शेयर बाजार में भी लिस्टेड कंपनी है। कंपनी का मार्केट कैप 14,511 करोड़ रुपये है।
