तियानजिन: चीन के तियानजिन में हो रहे शंघाई सहयोग संगठन का शिखर सम्मेलन समाप्त हो गया है। सम्मेलन के घोषणा पत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की गई है। सम्मेलन में अपने उद्घाटन संबोधन में चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने अमेरिका के आधिपत्यवाद पर सख्त संदेश दिया। वहीं पीएम मोदी ने आतंकवाद और संप्रभुता का मुद्दा प्रमुख तौर पर उठाया। सम्मेलन से पहले पीएम मोदी, रूसी राष्ट्रपति और चीनी राष्ट्रपति के साथ मुलाकात करते नजर आए।

पुतिन बोले- भारत-रूस के संबंध बहुआयामी

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी से कहा, ‘आपसे मिलकर मुझे बहुत खुशी हुई। एससीओ वैश्विक दक्षिण और पूर्व के देशों को एकजुट करने के लिए एक मंच प्रदान करता है। 21 दिसंबर, 2025, भारत-रूस संबंधों को ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ के रूप में विकसित करने की 15वीं वर्षगांठ है। हमारे बीच बहुआयामी संबंध हैं। आज की बैठक से भारत-रूस संबंधों को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रूस और भारत के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं।’

पीएम मोदी ने कहा ‘भारत और रूस हमेशा कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं। हमारा घनिष्ठ सहयोग न केवल दोनों देशों की जनता के लिए, बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण है। हम यूक्रेन में चल रहे संघर्ष पर लगातार चर्चा करते रहे हैं। हम शांति के लिए हाल के सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे।’

हमारी रूस के साथ विशेष साझेदारी’

पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि ‘मुझे हमेशा लगता है कि आपसे मिलना एक यादगार अनुभव रहा है। हमें कई विषयों पर जानकारी का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला है। हम निरंतर संपर्क में रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच नियमित रूप से कई उच्च-स्तरीय बैठकें हुई हैं। 140 करोड़ भारतीय इस वर्ष दिसंबर में होने वाले हमारे 23वें शिखर सम्मेलन के लिए आपका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी की गहराई और व्यापकता को दर्शाता है।’

पीएम मोदी ने पुतिन से कहा- जल्द से जल्द यूक्रेन युद्ध समाप्त करने का रास्ता खोजना होगा

चीन के तियानजिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हम यूक्रेन में चल रहे संघर्ष पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। हम शांति के लिए हाल के सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं। हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे। संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने का रास्ता खोजना होगा। यह पूरी मानवता का आह्वान है।’

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version