तेहरान: युद्ध विराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही ईरान के लावन द्वीप पर स्थित तेल रिफाइनरी पर हमला हुआ है। एसोसिएटेड प्रेस ने ईरानी सरकारी टेलीविजन के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट में बताया गया, दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, कोई घायल नहीं हुआ। लेकिन यह नहीं बताया गया है कि हमला किसकी ओर से किया गया है। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भी कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ईरान की ओर से आ रही मिसाइलों के जवाब में गोलीबारी कर रही है।

ईरान ने कुवैत में किए ड्रोन हमले
युद्द विराम के बाके बावजूद ईरान ने भी कुवैत में ड्रोन हमला किया। हमले में तेल और बिजली से जुड़े अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि सुबह पांच बजे के बाद से 28 ईरानी ड्रोन मार गिराए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह दुश्मन की ओर से किया गया बड़ा और खौफनाक हमला था। बड़ी संख्या में ड्रोन भेजे गए थे, जिन्हें वायु रक्षा प्रणाली ने रोक लिया।

उन्होंने दावा किया कि कुछ ड्रोन देश के दक्षिण हिस्से में मौजूद तेल संयंत्र और बिजली घरों की तरफ बढ़े। इन हमलों से तेल ढांचे, बिजली केंद्रों और पानी के संयंत्र को काफी नुकसान हुआ है।

अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात दो हफ्ते के अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी है। यह समझौता ऐसे समय में हुआ, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को तबाह करने की धमकी देते रहे। ट्रंप ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए तीन दिन पहले ही धमकी दी थी कि अगर तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला और अमेरिका के साथ किसी समझौता पर नहीं पहुंचा तो इसका अंजाम बुरा होगा। ट्रंप ने चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि 7 अप्रैल के रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार 8 अप्रैल सुबह 5.30 बजे) तक युद्ध शुरू हो सकता है और अमेरिका संघर्ष में ईरान के ऊर्जा संयंत्रों (पावर प्लांट्स) और पुलों को निशाना बनाएगा।



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