राष्ट्रवाणी: नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की रोमानिया की राजकीय यात्रा के दौरान भारत और रोमानिया ने अपने राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होने के अवसर पर वर्ष 2028 को ‘भारत-रोमानिया इनोवेशन वर्ष’ के रूप में मनाने का बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया । यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा और खेल के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण समझौतों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने विशेष ब्रीफिंग में बताया कि दोनों राष्ट्रपतियों की मौजूदगी में तीन एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। पहला समझौता भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और रोमानिया के नेशनल अथॉरिटी फॉर साइंटिफिक रिसर्च के बीच 2026-2029 की अवधि के लिए विज्ञान एवं तकनीक सहयोग को लेकर हुआ। इसके तहत प्राकृतिक विज्ञान, इंजीनियरिंग एवं तकनीक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान तथा कृषि विज्ञान के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान और परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।

दूसरा समझौता बुखारेस्ट यूनिवर्सिटी में भारतीय अध्ययन के लिए ‘इंडिया चेयर/आईसीसीआर चेयर’ की स्थापना से संबंधित है। इसका उद्देश्य शिक्षा, भारतीय भाषाओं, संस्कृति और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

तीसरा समझौता भारत के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय तथा रोमानिया की नेशनल स्पोर्ट्स एजेंसी के बीच खेल सहयोग को लेकर हुआ। जिम्नास्टिक और तैराकी जैसे खेलों में रोमानिया की विशेषज्ञता को देखते हुए खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, अनुभवों के आदान-प्रदान और खेल सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।

सिबी जॉर्ज ने बताया कि दोनों देशों ने 2028 में राजनयिक संबंधों के 80 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष को ‘भारत-रोमानिया इनोवेशन वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। इस दौरान नवाचार, विज्ञान, शिक्षा और प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

वार्ता के दौरान दोनों राष्ट्रपतियों ने वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। रोमानिया ने पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए भारत के प्रति एकजुटता व्यक्त की थी। राष्ट्रपति मुर्मु ने वर्ष 2022 में यूक्रेन से भारतीय छात्रों की सुरक्षित निकासी में रोमानिया सरकार द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार भी जताया।

दोनों देशों ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। राष्ट्रपति मुर्मु ने रोमानिया को भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को अपनाने की संभावनाएं तलाशने का निमंत्रण दिया, जिससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति मुर्मु ने रोमानिया के लिए भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) प्रशिक्षण कार्यक्रमों की संख्या दोगुनी करने की एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि । इन कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित आधुनिक विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही रोमानियाई राजनयिकों को सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस में एआई और साइबर डिप्लोमेसी जैसे विषयों पर आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया गया।

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