राष्ट्रवाणी: भारती एयरटेल के मालिक सुनील मित्तल को फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘शेवेलियर डे ल’ऑर्डर नेशनल डे ला लीजन डी’ऑनर’ …और पढ़ें सुनील मित्तल को फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘लीजन डी’ऑनर’ मिलेगा। भारत-फ्रांस के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए। बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत के दिग्गज अरबपति और भारती एयरटेल के मालिक सुनील मित्तल को फ्रांस के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘शेवेलियर डे ल’ऑर्डर नेशनल डे ला लीजन डी’ऑनर’ (नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर) से नवाजा जाएगा।
उन्हें यह सम्मान 28 अक्टूबर को भारत में फ्रांस के दूतावास में एक समारोह में दिया जाएगा। भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन सुनील मित्तल ने भारत के टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर को बदलने और दूसरे देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने भारतीय एयरटेल की शुरुआत 1995 में अपनी मूल कंपनी, भारती एंटरप्राइजेज के जरिए की थी।
आज भारतीय एयरटेल का मार्केट कैप 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। कंपनी के एक बयान के मुताबिक, मित्तल को यह सम्मान भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की उनकी लंबे समय से चली आ रही प्रतिबद्धता और टेलीकम्युनिकेशन व डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए दिया गया है।
भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी माथू ने कहा कि सुनील भारती मित्तल 1992 में एयरटेल की शुरुआत के शुरुआती दिनों से ही फ्रांस के दोस्त रहे हैं। थिएरी माथू ने कहा- “उन्होंने दशकों से इन रिश्तों को लगातार मजबूत किया है और दिखाया है कि फ्रांसीसी और भारतीय बिज़नेस मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं।
आज, जब हमारे दोनों देश स्पेस और डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मिलकर आगे बढ़ रहे हैं, वे यूटेलसैट (Eutelsat) के वाइस-चेयरमैन के तौर पर इन रिश्तों को और आगे बढ़ा रहे हैं।” सुनीत मित्तल ने कहा, “मैं इस शानदार सम्मान से अभिभूत और विनम्र महसूस कर रहा हूं।’ नेपोलियन बोनापार्ट ने 1802 में ‘लीजन डी’ऑनर’ की शुरुआत की थी।
यह फ्रांस गणराज्य का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। भारतीय एयरटेल के जनक सुनीत मित्तल भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। सुनीत मित्तल को 2007 में देश के टेलीकॉम सेक्टर के विकास और आर्थिक तरक्की में उनके योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

