राष्ट्रवाणी: एलन मस्क ने भारतीय उद्योगपतियों, खासकर मुकेश अंबानी को ‘ओलिगार्क्स’ कहकर स्टारलिंक के भारत में प्रवेश रोकने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि है। मुकेश अंबानी पर स्टारलिंक रोकने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि । नई दिल्ली।
भारत में स्टारलिंक को ऑपरेशन की अनुमति नहीं मिलने से नाराज अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क, सरकार से लेकर देश के उद्योगपतियों पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने भारत के अरबपति कारोबारियों को, खासकर मुकेश अंबानी को ‘ओलिगार्क्स’ (Oligarchs) तक कह दिया है। उनकी इस टिप्पणी को लेकर भारत में काफी गुस्सा है।
वहीं, भारत सरकार ने भी प्रतिक्रिया देते हुए एलन मस्क के इन आरोपों को “बेबुनियाद और गलतफहमी पर आधारित” बताया है। क्या आप जानते हैं Oligarchs का मतलब क्या होता है और एलन मस्क ने भारत के उद्योगपतियों को लेकर ऐसा क्यों कहा? एलन मस्क ने X पोस्ट करके गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत में ओलिगार्क्स अपने फ़ायदे के लिए भारत में स्टारलिंक के लॉन्च को रोकने की कोशिश कर रहे थे।
हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। एलन मस्क ने लिखा, “दुर्भाग्य से ओलिगार्क्स हमें रोक रहे हैं ताकि वे भारतीय लोगों पर अपना एकाधिकार बनाए रख सकें।” “आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि वे कौन हैं।” इसके बाद मस्क ने एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने मुकेश अंबानी को रियल प्राइम मिनिस्टर तक कहा, जिससे साफ हो गया कि वे अंबानी समेत अन्य कारोबारियों को ओलीगार्क्स कह रहे हैं।
ओलिगार्क्स इंग्लिश का शब्द है,जिसका मतलब आम तौर पर ऐसे लोगों से होता है जो सरकार को प्रभावित करने के लिए अपनी दौलत और ताकत का इस्तेमाल कर सकते हैं। ‘ओलिगार्क’ (Oligarch)शब्द लगभग 2,400 से 2,500 साल पुराना है। ओलिगार्क्स, दो ग्रीक शब्दों से मिलकर बना है जिसमें ‘ओलिगोस’ (Oligos) का अर्थ है “कुछ” और ‘आर्को’ (Arkho) का मतलब “शासन करना” यानी कुछ खास व चुनिंदा लोगों का शासन।
मशहूर यूनानी दार्शनिक अरस्तू ने इस शब्द का इस्तेमाल ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था के लिए किया था, जहां समाज का अमीर वर्ग सिर्फ अपने स्वार्थ और फायदे के लिए शासन चलाता है, और कॉरपोरेट वर्ल्ड से लेकर पॉलिटिक्स तक अपना कंट्रोल रखता है। मॉडर्न वर्ल्ड में रूस के उद्योगपति बोरिस बेरेज़ोव्स्की (Boris Berezovsky) को 1990 के दशक के “रूसी ओलिगार्क्स का गॉडफादर” या ओलिगार्क माना जाता है।
बताया जाता है कि सोवियत संघ के पतन के बाद बोरिस बेरेजोव्स्की ने ना सिर्फ अकूत संपत्ति जुटाई, बल्कि रूसी सत्ता को अपने इशारों पर नचाया। 90 के दशक में मंत्रालय ने साफ़ किया कि सरकार ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन सर्विस के लिए “एक निष्पक्ष और बिना भेदभाव वाला मंज़ूरी का सिस्टम” बनाया है। मंत्रालय ने बयान में कहा कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए तीन कंपनियों को लाइसेंस दिए गए हैं, जो अब सिक्योरिटी मंज़ूरी का इंतज़ार कर रही हैं।
खबरों के मुताबिक, स्टारलिंक उन तीन लाइसेंस पाने वाली कंपनियों में से एक है, हालांकि सरकार ने बयान में किसी का नाम नहीं लिया। दरअसल, एलन मस्क भारत में स्टारलिंक लाना चाहते हैं। कई महीनों से, यह टेक अरबपति संकेत दे रहे हैं कि रेगुलेटरी मंज़ूरी मिलते ही उनकी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस काम करना शुरू कर देगी।

