राष्ट्रवाणी: केंद्र सरकार IDBI बैंक के निजीकरण के बाद चार अन्य सरकारी बैंकों – सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, पंजाब …और पढ़ें 4 सरकारी बैंकों में सरकार घटाएगी हिस्सेदारी। (सांकेतिक तस्वीर) IDBI बैंक के बाद चार अन्य सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी घटाने की योजना।
सेंट्रल बैंक, यूको, पंजाब एंड सिंध, इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल हैं। सरकार दो और बैंकों के निजीकरण की भी तैयारी कर रही है। नई दिल्ली।
IDBI बैंक के निजीकरण के बाद केंद्र सरकार 4 अन्य सरकारी बैंकों में भी अपनी हिस्सेदारी कम करने की योजना बना रही है। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों का पालन करने के लिए चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों – सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक – में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 75% करने पर विचार कर रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार, सरकारी बैंकों के एक और दौर के विलय (कंसोलिडेशन) की तैयारी कर रही है। इस प्रक्रिया में निजीकरण के लिए दो और बैंकों की पहचान की जा सकती है। केंद्र सरकार ने 2021-22 के बजट में एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि थी कि वह IDBI बैंक के अलावा, दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी का निजीकरण करेगी।
‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य तीन से चार बड़े सरकारी बैंक रखना है। खबरों के मुताबिक, नीति आयोग ने निजीकरण के संभावित उम्मीदवारों के रूप में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक को शॉर्टलिस्ट किया है। इस महीने की शुरुआत में, सरकार ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि कनाडाई अरबपति प्रेम वत्सा द्वारा प्रवर्तित फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स, IDBI बैंक में 52,878 करोड़ रुपये में 60.72% हिस्सेदारी खरीदेगी।

