राष्ट्रवाणी: भारत में जींस के बढ़ते क्रेज को देखते हुए, अरविंद मिल्स ने 1980 में ‘फ्लाइंग मशीन’ नाम से देश का …और पढ़ें फ्लाइंग मशीन भारत का पहला स्वदेशी जींस ब्रांड अरविंद मिल्स ने 1980 में इसे लॉन्च किया था कस्तूरभाई लालभाई ने धोती पहनकर जींस साम्राज्य बनाया बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली।
भारत में देशी जींस की शुरुआत 80 के दशक के अंत में हुई, जब लिबरलाइजेशन से पहले ही युवाओं में वेस्टर्न फैशन का क्रेज बढ़ने लगा था। उससे पहले जींस विदेश से आने वाला महंगा विकल्प था, जो सिर्फ फिल्म स्टार्स या कॉलेज के अमीर लड़के पहनते थे।90 के दशक में Levis, Pepe और Lee जैसे ब्रांड्स के आने और बाद में Spykar, Killer जैसे देसी ब्रांड्स के बनने से जींस आम आदमी की अलमारी तक पहुंची।
मगर क्या आप जानते हैं कि भारत में पहला जींस ब्रांड किसने पेश किया था? आइए जानते हैं उस धोती पहनने वाले शख्स की कहानी, जिसने भारत में जींस के देशी ब्रांड की शुरुआत की। भारत का पहला स्वदेशी जींस (डेनिम) ब्रांड Flying Machine है।
इस मशहूर ब्रांड को साल 1980 में अरविंद मिल्स (Arvind Ltd.) द्वारा लॉन्च किया गया था। 1970 और 1980 के दशक में भारतीय युवाओं के बीच अमेरिकन और विदेशी जींस (जैसे Levi’s) का जबरदस्त क्रेज था। लेकिन उस समय भारत में आर्थिक उदारीकरण नहीं हुआ था, इसलिए ये जींस आसानी से नहीं मिलती थीं और बहुत महंगी होती थीं।
अहमदाबाद के मशहूर उद्योगपति कस्तूरभाई लालभाई और उनके परिवार (लालभाई ग्रुप/अरविंद मिल्स) ने इस गैप को पहचाना। उनका आइडिया था कि भारतीय युवाओं को उनके अपने देश में बनी, इंटरनेशनल क्वालिटी की और किफायती जींस दी जाए।कस्तूरभाई लालभाई (1894–1980) एक दिग्गज भारतीय उद्योगपति और अरविंद मिल्स के को-फाउंडर थे।
खास बात ये है कि उन्होंने कपड़ों और टेक्सटाइल का एक विशाल साम्राज्य खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद वे जीवन भर पारंपरिक धोती-कुर्ता ही पहनते रहे। कस्तूरभाई ने ‘Flying Machine’ नाम से भारत का पहला जींस ब्रांड पेश किया। ये ब्रांड सन 1980 में पेश किया गया था।
लॉन्च होते ही इस ब्रांड ने भारतीय बाजार पर कब्जा कर लिया और अगले एक दशक तक यह युवाओं का पसंदीदा ‘कल्ट ब्रांड’ बना रहा। आगे चलकर अरविंद मिल्स इतनी बड़ी कंपनी बनी कि वह दुनिया के सबसे बड़े डेनिम उत्पादकों में से एक बन गई। आज Levi’s, Gap और Zara जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स भी अरविंद मिल्स से ही डेनिम फैब्रिक खरीदते हैं।
आज अरविंद फैशंस भारत के सबसे बड़े टेक्सटाइल और अपैरल ग्रुप्स में से एक है। इसकी जड़ें महात्मा गांधी के स्वदेशी आंदोलन से जुड़ी हैं, जब लालभाई परिवार ने 1931 में देश को कपड़ों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अरविंद मिल्स की शुरुआत की थी।कस्तूरभाई ने और अपने भाई छोटेलाल और नरभेराम के साथ मिलकर शुरू की थी।
2008 में इसका नाम बदलकर सिर्फ अरविंद हो गया।

