नयी दिल्ली. दक्षिण कोरिया में आयोजित विश्व तीरंदाजी पैरा चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता तोमन कुमार ने छत्तीसग­ढ़ में 2022 में एक नक्सल विरोधी अभियान के दौरान एक घातक आईईडी विस्फोट में अपना पैर गंवा दिया था लेकिन उन्होंने इसके बाद की चुनौतियों से पार पाते हुए सफलता की ओर कदम ब­ढ़ाए.

केंद्रीय आरक्षी पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 30 वर्षीय कांस्टेबल ने अब तक अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी टूर्नामेंट में सात पदक जीते हैं. उन्होंने दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू में आयोजित विश्व तीरंदाजी पैरा चैंपियनशिप में शनिवार को पुरुषों की कंपाउंड स्पर्धा का खिताब जीता.

तोमन सीआरपीएफ की एक इकाई का हिस्सा थे जिसे देश के सबसे अधिक नक्सल हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में से एक दक्षिण बस्तर क्षेत्र में नियुक्त किया गया था. पर फरवरी 2022 में सीआरपीएफ और नक्सलियों के बीच भारी गोलीबारी के दौरान तोमन आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट में घायल हो गए. सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वह इसमें गंभीर रूप से घायल हो गए थे जिससे 12 फरवरी 2022 को उसका बायां पैर काटना पड़ा.

उन्होंने कहा, ”तोमन कुमार 2017 में सीआरपीएफ में शामिल हुए थे और जब वह मात्र 26 वर्ष के थे. लेकिन बस्तर में फरवरी में हुई इस मुठभेड़ में शरीर का एक अंग गंवाना पड़ा. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. ” अधिकारी ने बताया कि वह सीआरपीएफ के एक विशेष सेंटर राष्ट्रीय दिव्यांग सशक्तिकरण केंद्र (एनसीडीई) में शामिल हो गए जिसे 2020 में शारीरिक रूप से अक्षमता का सामना करने वाले जवानों के लिए खोला गया था.

उन्होंने बताया कि तोमन ने नवंबर 2023 में पैरा तीरंदाजी का अभ्यास शुरू किया और एक साल बाद सितंबर 2024 में उन्हें सीआरपीएफ की केंद्रीय (मुख्य) टीम में शामिल किया गया. तोमन ने तीन राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अलावा, ग्वांगजू सहित चार अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भाग लिया है.

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