नयी दिल्ली/अलप्पुझा. कांग्रेस ने रविवार को एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए पूछा कि अगर जीएसटी की दरों में कटौती का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच रहा है, तो इसका क्या फायदा है. एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जीएसटी दर में कटौती से पहले बड़ी कंपनियों ने कई उत्पादों की कीमतें बढ.ा दी थीं.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की, जिसमें कहा गया है कि केंद्र ने 22 सितंबर से खाद्य पदार्थों पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी है और उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिलना चाहिए था, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जैसे ही बड़ी कंपनियों को कर कटौती के बारे में पता चला, उन्होंने अपने उत्पादों की कीमतों में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी, जिससे आम जनता को बहुत कम राहत मिली.
रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ये ”बचत उत्सव नहीं, चपत उत्सव है.” उन्होंने कहा, ”ये जीएसटी सुधार नहीं, बल्कि ‘इवेंट-जीवी प्रधानमंत्री का प्रचार’ है.” कांग्रेस नेता ने कहा, ”जीएसटी दरों में कटौती का लाभ अगर सीधे-सीधे आम जनता तक पहुंच ही नहीं रहा, तो फिर इसका क्या फायदा?” पिछले रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी वस्तुओं को बढ.ावा देने की पुरजोर वकालत की. उन्होंने कहा कि अगली पीढ.ी के जीएसटी सुधार भारत की विकास गाथा को गति देंगे, कारोबारी सुगमता को बढ.ाएंगे और अधिक निवेशकों को आर्किषत करेंगे.
माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती लागू होने से एक दिन पहले मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा था कि नवरात्र के पहले दिन से ‘जीएसटी बचत उत्सव’ शुरू होगा और आयकर छूट के साथ यह ज्यादातर लोगों के लिए ”डबल बोनैंजा” होगा.
पिछले सोमवार से लागू जीएसटी दरों में कटौती से रसोई के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक, दवाओं और उपकरणों से लेकर ऑटोमोबाइल तक, लगभग 375 वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी. उपभोक्ताओं को एक बड़ा तोहफा देते हुए, केंद्र और राज्यों की जीएसटी परिषद ने 22 सितंबर, यानी नवरात्र के पहले दिन से जीएसटी की दरें कम करने का फैसला किया था.
कांग्रेस महासचिव वेणुगोपाल ने ‘वोट चोरी’ को भारत की अखंडता के लिए खतरा बताया
कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने रविवार को कहा कि ‘वोट चोरी’ भारत की अखंडता के लिए खतरा है और उन्होंने केंद्र पर ”मतदाता सूची में हेराफेरी” करने का आरोप लगाया. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”कथित वोट चोरी और मतदाता सूची में हेराफेरी ने लोकतंत्र की बुनियाद में लोगों का विश्वास डिगा दिया है.” वेणुगोपाल इस मुद्दे पर पार्टी द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ हस्ताक्षर अभियान में शामिल हुए. उन्होंने रविवार को इस तटीय जिले के अपने वार्ड कैथवना में आयोजित अभियान में हिस्सा लिया.
अलप्पुझा के सांसद ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में आरोप लगाया, ”वोट चोरी कोई मामूली अपराध नहीं है. यह हमारे संविधान, हमारी अर्थव्यवस्था, सामाजिक न्याय और भारत की अखंडता के लिए एक बड़ा खतरा है.” वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पूरे भारत में पांच करोड़ हस्ताक्षर एकत्र करेगी. कांग्रेस नेता ने दावा किया कि यह अभियान एक जन आंदोलन के रूप में गति पकड़ रहा है, तथा उन्होंने ”लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले प्रत्येक नागरिक से संविधान की रक्षा करने और भारत की आत्मा को बचाने के लिए इस संघर्ष में शामिल होने का आह्वान किया.”
