मुंबई. स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 375 अंक लुढ़क गया. वहीं एनएसई निफ्टी 101 अंक के नुकसान में रहा. अमेरिका-भारत व्यापार वार्ता के नतीजों से पहले निवेशकों के सतर्क रुख के बीच आईटी शेयरों में बिकवाली से बाजार नुकसान में रहा. तीस शेयर पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 375.24 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,259.24 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 415.21 अंक तक नीचे आ गया था.
पचास शेयर वाला एनएसई निफ्टी भी 100.60 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,111.45 अंक पर बंद हुआ. विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी और कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई. सेंसेक्स की कंपनियों में टेक महिंद्रा के शेयर में लगभग तीन प्रतिशत की गिरावट आई. कंपनी के जून तिमाही के नतीजे निवेशकों के अनुकूल नहीं रहे हैं, जिसका असर इसके शेयर पर देखने को मिला.
आईटी सेवा कंपनी टेक महिंद्रा का एकीकृत शुद्ध लाभ 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही में सालाना आधार पर लगभग 34 प्रतिशत बढ़कर 1,140.6 करोड़ रुपये रहा. इसके अलावा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, इटर्नल (पूर्व में जोमैटो), लार्सन एंड टुब्रो, टाटा कंसल्टेंसी र्सिवसेज और एक्सिस बैंक के शेयर भी नुकसान में रहे. दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में टाटा स्टील, ट्रेंट, टाइटन और टाटा मोटर्स शामिल हैं. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुद्ध रूप से बुधवार को 1,858.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ”विभिन्न कंपनियों विशेष रूप से प्रौद्योगिकी और बैंकों के जून तिमाही के वित्तीय परिणाम कमजोर रहने के बीच निवेशकों के सतर्कता बरतने से भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए. बड़ी कंपनियों के शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता के चलते एफआईआई की निकासी के कारण बाजार प्रतिभागी सतर्क रुख अपनाये हुए हैं. हालांकि, कोई भी सकारात्मक घटनाक्रम बाजार की धारणा को मजबूत कर सकता है.” बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 0.30 प्रतिशत और मिडकैप 0.07 प्रतिशत चढ़ा.
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, ” भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर अनिश्चितता के बीच बाजार मोटे तौर पर नकारात्मक दायरे में रहे. निवेशकों ने बैंकिंग, आईटी और तेल एवं गैस शेयरों में बिकवाली का सहारा लिया जिससे बाजारों में गिरावट आई. एक बार जब सौदे की घोषणा हो जाती है और अगर यह दोनों देशों के हितों के अनुकूल होता है तो बाजारों में राहत की उम्मीद है. हमें अल्पकालिक तेजी देखने को मिल सकती है, अन्यथा सुस्ती से लेकर निराशावादी माहौल बना रह सकता है.” उन्होंने कहा, ” इसके अलावा, चालू तिमाही नतीजों का सत्र का भी बाजार पर असर होगा और निवेशक आगे आने वाले नतीजों के आधार पर फैसला करेंगे.”
एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन शंघाई कम्पोजिट सकारात्मक दायरे में बंद हुए, जबकि हांगकांग के हैंग सेंग में नुकसान रहा. यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में तेजी का रुख था. अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.06 प्रतिशत टूटकर 68.49 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 63.57 अंक लाभ में रहा था, जबकि एनएसई निफ्टी में 16.25 अंक की मामूली तेजी थी.
