मुंबई. रेपो दर को स्थिर रखने और वृद्धि अनुमान ब­ढ़ाने के रिजर्व बैंक के कदम से घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को काफी उत्साह रहा और यह आठ दिनों की लगातार गिरावट से उबरने में सफल रहा. सेंसेक्स 716 अंक उछल गया जबकि निफ्टी में 225 अंकों की तेजी रही. विश्लेषकों ने कहा कि मौद्रिक घोषणा के बीच वैश्विक बाजारों में तेजी के रुझान और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने भी स्थानीय निवेशकों की धारणा को मजबूती दी.

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 715.69 अंक यानी 0.89 प्रतिशत उछलकर 80,983.31 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान एक समय यह 800.81 अंक ब­ढ़कर 81,068.43 अंक पर पहुंच गया था. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 225.20 अंक यानी 0.92 प्रतिशत च­ढ़कर 24,836.30 अंक पर पहुंच गया. सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से टाटा मोटर्स में सबसे ज़्यादा 5.54 प्रतिशत की ब­ढ़त दर्ज की गई. उसके बाद कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, सन फार्मा, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक का स्थान रहा. हालांकि, बजाज फाइनेंस, भारतीय स्टेट बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाटा स्टील के शेयरों में गिरावट का रुझान रहा.

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “शेयर बाजार में एक व्यापक दायरे में कारोबार हुआ. रिजर्व बैंक का फैसला उम्मीदों के अनुरूप रहने के साथ अधिक संरचनात्मक रहा. आरबीआई के लचीले रुख और आर्थिक वृद्धि के बेहतर अनुमान ने निवेशकों और बाजार के विश्वास को मजबूत किया है.” आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दरों को उम्मीद के अनुरूप अपरिर्वितत रखा. उसे अमेरिकी शुल्क के प्रभाव के साथ पहले हो चुकी दर कटौती और जीएसटी में हालिया कर कटौती के प्रभाव पर अधिक स्पष्टता का इंतजार है.

हालांकि, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आने वाले महीनों में अमेरिकी शुल्क के किसी भी संभावित असर से अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए ढील की गुंजाइश का संकेत दिया. आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रखने और “तटस्थ” नीतिगत रुख जारी रखने का भी फैसला किया. इसके अलावा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान ब­ढ़ाकर 6.8 प्रतिशत करने और मुद्रास्फीति अनुमानों को घटाकर 2.6 प्रतिशत करने की घोषणा की गई. छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 1.16 प्रतिशत ब­ढ़ गया जबकि मिडकैप सूचकांक में 0.91 प्रतिशत की तेजी रही.

सभी क्षेत्रवार सूचकांक ब­ढ़त के साथ बंद हुए. बैंकिंग खंड में सर्वाधिक 1.44 प्रतिशत की तेजी रही जबकि दूरसंचार खंड 1.26 प्रतिशत और वित्तीय सेवा खंड 1.22 प्रतिशत च­ढ़ गया. बीएसई पर सूचीबद्ध 2,797 कंपनियों में तेजी दर्ज की गई जबकि 1,360 शेयरों में गिरावट रही और 134 अन्य अपरिर्वितत रहीं.

ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर. ने कहा, “अमेरिका के ऊंचे शुल्क से पैदा हुई आशंकाओं के बीच आरबीआई की टिप्पणी ने विश्वास बहाल करने में मदद की. यह वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के व्यापक-आर्थिक बुनियादी पहलुओं में जुझारूपन को दर्शाता है.” एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सकारात्मक दायरे में बंद हुआ, जबकि जापान का निक्की गिरावट के साथ बंद हुआ. चीन के बाजार राष्ट्रीय दिवस की छुट्टी के कारण बंद रहे.

यूरोप के शेयर बाजार ब­ढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. अमेरिकी बाजार मंगलवार को ब­ढ़त के साथ बंद हुए. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 2,327.09 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,761.63 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.95 प्रतिशत गिरकर 65.40 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. इसके पहले घरेलू शेयर बाजार में लगातार आठ दिन गिरावट रही. इस दौरान सेंसेक्स 2,746.34 अंक यानी 3.30 प्रतिशत और निफ्टी 812.5 अंक यानी 3.19 प्रतिशत गिर गया था.

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