वाशिंगटन: राष्ट्रपति बनने के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप लगातार कई बड़े फैसले ले चुके हैं. इसी बीच ट्रंप प्रशासन ने वरिष्ठ अमेरिकी सैन्य नेताओं को व्यापक कटौती की योजना बनाने का आदेश दिया है.

इस आदेश के बाद रक्षा बजट में सालाना आठ प्रतिशत की कटौती हो सकती है या अगले पांच वर्षों में लगभग 290 बिलियन डॉलर की कटौती की जा सकती है. रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पेंटागन को भारी कटौती करने को कहा है.

रिपोर्ट में कही गई ये बात

वाशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा, 2025 के लिए पेंटागन का बजट करीब 850 बिलियन डॉलर है. सभी राजनीतिक दलों के सांसद इस बात पर सहमत हैं कि चीन और रूस से होने वाले खतरों को रोकने के लिए इस बड़े खर्च की जरूरत है. वहीं, अगर ये कटौती हो जाती है तो आने वाले 5 सालों में रक्षा बजट घटकर 560 अरब डॉलर रह जाएगा.

रिपोर्ट में यह नहीं बताया है कि विश्व की सबसे बड़ी सेना में कहां कटौती की जाएगी. लेकिन वाशिंगटन पोस्ट ने इससे पहले अपनी रिपोर्ट में बताया था कि वर्दीधारी कर्मियों को नहीं बल्कि असैन्य कर्मचारियों को निशाना बनाया जा सकता है.

करना पड़ सकता है विरोध का सामना

यह रिपोर्ट एलन मस्क के सरकारी कार्यदक्षता विभाग द्वारा पिछले सप्ताह पेंटागन का दौरा करने के बाद आई है. इसके बाद ट्रंप प्रशासन को सेना और कांग्रेस दोनों की ओर से कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है. वहीं, इस रिपोर्ट के बाद लॉकहीड मार्टिन और नॉर्थ्रॉप ग्रुमैन जैसी प्रमुख अमेरिकी डिफेंस कंपनियों के शेयरों की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय सरकारी खर्च में कटौती करना चाहते हैं. इसके अलावा ट्रंप रूस के खिलाफ यूक्रेन को मिल रही अमेरिकी मदद को भी पूरी तरह से रोकना चाहते हैं.

हेगसेथ ने अपने बयान में कहा कि प्रस्तावित कटौतियों को 24 फरवरी तक तैयार कर लिया जाना चाहिए. इसमें 17 श्रेणियां शामिल होंगी, जिन्हें ट्रंप इससे छूट देना चाहते हैं, जिनमें मेक्सिको के साथ अमेरिकी सीमा पर संचालन, परमाणु हथियारों और मिसाइल रक्षा का आधुनिकीकरण शामिल है. इसमें हिंद-प्रशांत कमान और अंतरिक्ष कमान जैसे क्षेत्रीय मुख्यालयों के लिए आर्थिक मदद की मांग भी की गई है.

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