कोच्चि. केरल में वर्ष 2017 में यौन उत्पीड़न का शिकार हुई अभिनेत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश पोस्ट कर उन पर हो रहे साइबर हमलों के खिलाफ आवाज उठाई. यहां की एक अदालत ने मलयालम फिल्मों के अभिनेता दिलीप को सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए बरी कर दिया था. उसके एक सप्ताह से अधिक समय बाद पीडि़ता ने यह पोस्ट लिखा. उन्होंने ‘इंस्टाग्राम’ पर एक पोस्ट में लिखा, “न तो मैं पीडि़ता हूं, न ही मैं ‘सर्वाइवर’ हूं, बस एक साधारण इंसान हूं. मुझे जीने दो.”
उन्होंने पोस्ट की शुरुआत में लिखा, “गलती मुझसे हुई.” अभिनेत्री ने अपना संदर्भ स्पष्ट करते हुए कहा, “उनकी तथाकथित गलती यह थी कि यौन उत्पीड़न के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और कानूनी कार्रवाई की.” उन्होंने पोस्ट में कहा, “इसे नियति मानकर मुझे चुप रहना चाहिए था, मानो कुछ हुआ ही न हो. बाद में, अगर वीडियो सामने आ जाता, तो लोगों के यह पूछने पर कि मैंने पुलिस में शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई, मुझे आत्महत्या कर लेनी चाहिए थी.” अभिनेत्री ने दूसरे आरोपी मार्टिन एंटनी द्वारा जारी किए गए एक ऑनलाइन वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें उसने कथित तौर पर उनके (पीडि़ता) के खिलाफ आरोप लगाए थे.
उन्होंने कहा, “दूसरे आरोपी का वीडियो, जिसे 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है, मुझे मिला….” अभिनेत्री ने कहा कि जो लोग इस तरह के आरोप लगाते हैं, उन्हें ऑनलाइन प्रसारित करते हैं और उनके परिजन भी जीवन में ऐसी स्थिति का सामना न करें. पुलिस ने एंटनी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. अदालत द्वारा दिलीप को बरी किए जाने के बाद अभिनेत्री ने इसी तरह का एक भावुक पोस्ट साझा किया था, जिसे व्यापक जनसमर्थन मिला था.
इस बीच शिकायतकर्ता का पुरजोर समर्थन करने वाली अभिनेत्री एवं डबिंग कलाकार भाग्यलक्ष्मी ने आरोप लगाया कि उन्हें धमकी भरा फोन आया था, जिसमें कहा गया था कि अगर उन्होंने अभिनेता दिलीप के खिलाफ बोलना जारी रखा तो उन पर तेजाब फेंका जाएगा. भाग्यलक्ष्मी ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें दोपहर करीब 12 बजकर सात मिनट पर फोन आया था.
उन्होंने कहा, “फोन करने वाले ने अपशब्दों का इस्तेमाल किया और पूछा कि क्या मैं दिलीप के खिलाफ बोलूंगी. मैंने कहा कि मैं बोलूंगी. फिर उसने पूछा कि अगर मेरे चेहरे पर तेजाब फेंक दिया जाए तो क्या होगा. मैंने उसे ऐसा करने के लिए कहा.” भाग्यलक्ष्मी ने शुरुआत में दिलीप का नाम लिए बिना कहा कि अब फिल्म जगत से कोई भी उनके खिलाफ आवाज नहीं उठा रहा है. उन्होंने कहा, “फिल्म जगत में मैं अकेली हूं, जो उनके (दिलीप) खिलाफ बोल रही हूं. सिर्फ आम लोग ही उस अभिनेत्री के साथ खड़े हैं क्योंकि उन्हें धमकाया नहीं जा सकता. इसलिए वे मुझे डराने की कोशिश कर रहे हैं.” भाग्यलक्ष्मी ने कहा कि उन्हें ऐसी धमकियों से डर नहीं लगता.
अभिनेत्री ने संदेह जताया कि पुलिस में शिकायत करने से कोई नतीजा निकलेगा. भाग्यलक्ष्मी ने बताया कि फोन काटने के बाद उन्हें विदेश से कई कॉल आए, जिनका उन्होंने जवाब नहीं दिया.
उन्होंने कहा, “मुझे किसी भी समय अपने ऊपर हमले की आशंका रहती है. भले ही यह मजाक लगे, अगर मुझे कुछ हुआ तो उसके लिए वही (दिलीप) जिम्मेदार होंगे.” जब यह पूछा गया कि क्या उनका इशारा दिलीप की ओर है, तो भाग्यलक्ष्मी ने कहा, “हां, दिलीप की ही बात हो रही है.” उन्होंने आरोप लगाया, “क्योंकि वह (दिलीप) ‘बयान’ देने में माहिर हैं और जानते हैं कि ऐसे मामलों से कैसे निकलना है.”
अभिनेत्री हमला प्रकरण: दो दोषियों ने अधीनस्थ अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी
केरल उच्च न्यायालय ने 2017 के अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराए गए छह लोगों में से दो की अपीलों पर शुक्रवार को सरकार से उसका रुख पूछा. इस मामले में अभिनेता दिलीप समेत चार आरोपियों को न्यायालय ने बरी कर दिया था. न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने प्रदीप और सलीम एच की अपीलें स्वीकार कर लीं, जिन्होंने अपनी दोषसिद्धि और 20 साल के कारावास की सजा को चुनौती दी है. सलीम एच को वदिवल सलीम के नाम से भी जाना जाता है.
दोनों अपीलकर्ताओं ने उच्च न्यायालय से अपीलें लंबित रहने के दौरान उनकी सजा निलंबित रखने का भी अनुरोध किया है. उच्च न्यायालय ने अभियोजन पक्ष को इन अपीलों पर अपनी आपत्तियां दाखिल करने के लिए समय दिया और उनपर अगली सुनवाई की तारीख चार फरवरी, 2026 तय की.
एर्नाकुलम जिला एवं प्रधान सत्र न्यायालय की न्यायाधीश हनी एम वर्गीस ने 12 दिसंबर को प्रदीप और सलीम के अलावा, सुनील एनएस उर्फ पल्सर सुनी, मार्टिन एंटनी, मणिकंदन बी और विजयेश वीपी को भी सामूहिक बलात्कार के जुर्म में 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी. जिला एवं प्रधान सत्र न्यायालय ने आठ दिसंबर को अभिनेता दिलीप समेत चार आरोपियों को बरी कर दिया था.
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपियों ने 17 फरवरी, 2017 को कथित तौर पर जबरन अभिनेत्री की कार में घुसकर दो घंटे तक उसे अपने कब्जे में रखा. इस घटना ने केरल को झकझोर दिया था. मुख्य आरोपी पल्सर सुनी ने अभिनेत्री का यौन उत्पीड़न किया और चलती कार में अन्य दोषियों की मदद से इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया.
