राष्ट्रवाणी: कमलेश सावंत, जो ‘दृश्यम 3’ में इंस्पेक्टर गायतोंडे का किरदार निभा रहे हैं, अपनी दमदार परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं। एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। अजय देवगन (Ajay Devgn) की फिल्म ‘दृश्यम 3: द कन्क्लूजन’ (Drishyam 3) इस समय सिनेमाघरों में धूम मचा रही है।
इस मूवी से एक्टर एक बार फिर विजय सलगांवकर के रोल में लौटे हैं। अजय के अलावा, इस फिल्म में फ्रैंचाइजी के दूसरे जाने-पहचाने चेहरे भी वापस आए हैं, जिनमें से एक इंस्पेक्टर गायतोंडे भी हैं। पर्दे पर इस किरदार को कमलेश सावंत (Kamlesh Sawant) ने निभाया है।
एक तरफ जहां अजय देवगन का सलगांवकर किरदार कहानी के केंद्र में है, वहीं सावंत का गायतोंडे ‘दृश्यम’ की दुनिया की जान हैं। गायतोंडे के रोल के लिए कमलेश सावंत को खूब तारीफ मिल रही है। उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस के लिए दर्शकों से उन्हें बहुत तारीफ मिल रही है।
लोग इस बारे में जानना चाहते हैं कि आखिर ये तेज-तर्रार पुलिस अधिकारी असलियत में करता क्या है? इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, कमलेश सावंत का जन्म 12 जून 1974 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ था। बहुत ही कम उम्र में उनकी झुकाव फिजिकल फिटनेस और अनुशासन की तरफ हो गया।
उनके बचपन पर उनके पिता तुकाराम सावंत का बहुत असर था, जो इंडियन रेलवे में क्लर्क और स्पोर्ट्स सेक्रेटरी के तौर पर काम करते थे। उन्होंने कमलेश और उनके भाई को बॉडीबिल्डिंग करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस ट्रेनिंग से सावंत को एक अनुशासित जीवनशैली और एथलेटिक शरीर बनाने में मदद मिली।
उनकी दमदार शारीरिक बनावट बाद में उन सख्त पुलिस किरदारों के लिए बहुत उपयुक्त साबित हुई, जिन्हें उन्होंने अक्सर स्क्रीन पर निभाया। सावंत मराठी सिनेमा के जाने-माने एक्टर हैं। उन्होंने 2007 में ‘एक क्रांतिवीर: वासुदेव बलवंत फड़के’ से मराठी फिल्मों में डेब्यू किया।
इसके बाद, उन्होंने साल 2010 में ‘रिंगा रिंगा’, ‘लालबाग परेल’ और साल 2015 में ‘दागड़ी चाल’ जैसी कई और मराठी फिल्मों में काम किया। फिल्मों के अलावा, सावंत ने मराठी टेलीविजन में भी काफी काम किया है। टेलीविजन सीरीज ‘लक्ष्य’ के साथ उनका काम काफी चर्चा में रहा।
इसके अलावा, वह थिएटर से भी जुड़े हैं। तुकाराम सावंत के बॉलीवुड करियर की बात करें तो साल 2004 में उन्होंने ‘खाकी’ फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इस एक्शन थ्रिलर फिल्म में अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, अजय देवगन, तुषार कपूर और ऐश्वर्या राय बच्चन मुख्य भूमिकाओं में थे।
सावंत ने इसमें एक कॉन्स्टेबल का किरदार निभाया था। ‘खाकी’ में उनके इस रोल के साथ ही कानून-व्यवस्था से जुड़े इन किरदारों का उनका सफर शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में काम किया और पुलिस अफसर के अलग-अलग तरह के और अलग-अलग रैंक वाले किरदार निभाए।
सावंत बाद में ‘मुंबई मेरी जान’, ‘राइट या रॉन्ग’, ‘फोर्स’ और ‘भूतनाथ रिटर्न्स’ जैसी अन्य हिंदी फिल्मों में भी नजर आए। हालांकि कमलेश सावंत का ‘दृश्यम’ फ़्रैंचाइजी में इंस्पेक्टर गायतोंडे का रोल उनके सबसे पॉपुलर किरदारों में से एक है। वह उन पुलिस अफसरों में से एक हैं जो विजय सलगांवकर और उनके परिवार से जुड़ी जांच में शामिल होते हैं।

