राष्ट्रवाणी: एआई ऑनलाइन शॉपिंग में स्मार्ट सर्च और व्यक्तिगत सुझावों से मदद कर सकता है, लेकिन इसकी सलाह पर आंख मूंदकर …और पढ़ें एआई से शॉपिंग में मिलेगी मदद, लेकिन आंख मूंदकर भरोसा पड़ सकता है भारी; इन बातों का रखें ध्यान जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली।
आप 50 हजार की रेंज में अच्छे कैमरे वाला स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, तो इसके लिए ई-कामर्स प्लेटफॉर्म पर प्रोडक्ट्स के दर्जनों पेज पर जाने, उनकी खूबियां को समझने, रिव्यूज को पढ़ने या उन पर मिल रहे डिस्काउंट की तुलना करने की जरूरत नहीं है। ये सभी जानकारियां आप एआई चैटबाट से बस एक सवाल पूछकर प्राप्त कर सकते हैं।
वह न केवल विकल्प सुझाएगा, बल्कि कीमत, खरीदारी और पेमेंट आदि के बारे में भी विस्तार से बताएगा। यहां तक कि रिफ्रेश रेट, प्रोसेसर आर्किटेक्चर, रैम, स्टोरेज टाइप या डिस्प्ले टेक्नोलॉजी जैसे टेक्निकल शब्द और स्पेसिफिकेशंस को भी आप इससे आसान भाषा में समझ सकते हैं। इन तमाम खूबियों के साथ यह भी ध्यान रखें कि एआई सिस्टम का हर जवाब भले ही आपको भरोसेमंद लगता हो, लेकिन उसमें गलत या पुरानी जानकारी होने की भी गुंजाइश बनी रहती है।
ऐसे में एआई के सुझावों पर आंख बंद करके भरोसा करना आपके लिए नई मुश्किलें पैदा कर सकता है। एआई के प्रयोग का एक सीधा नियम है- इसकी सलाह लें, पर फैसला खुद से करें। शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर मौजूद एआई चैटबाट को सीधे या परोक्ष रूप से प्लेटफॉर्म के व्यावसायिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए डिजाइन किया जाता है, इसलिए खरीदारी के फैसले में सतर्कता जरूरी है।
बीते दिनों नेटवेस्ट और बैंक आफ अमेरिका समेत अनेक संस्थाओं ने यह आशंका जताई थी कि आनलाइन शॉपिंग में एआई एजेंट के जरिये स्कैम, धोखाधड़ी और डाटा प्राइवेसी के उल्लंघन का खतरा बढ़ रहा है। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब ओपनएआई, एंथ्रोपिक, गूगल, मेटा आदि कंपनियां एआई चैटबाट्स को शॉपिंग टूल के तौर पर तेजी से बढ़ावा दे रही हैं।
वे ऐसे भविष्य की कल्पना कर रही हैं, जहां खरीदार प्रोडक्ट चुनने और खरीदारी के लिए लोग एआई एजेंट का इस्तेमाल करेंगे। वहीं, रिटेलर्स चैटबाट्स के सुझावों को प्रभावित करने की होड़ में हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक एआई एजेंट से होने वाली सर्च एक साल पहले के 0.3 प्रतिशत से बढ़कर 2.5 प्रतिशत हो गई हैं और यह ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।
