नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय में अमेरिका निवासी पत्रकार राफेल सैटर का ओसीआई कार्ड रद्द करने के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने पत्रकारिता गतिविधियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय संस्थानों को बदनाम किया है. केंद्र ने कहा कि सैटर ने आवश्यक अनुमति की प्रतीक्षा किए बिना पत्रकारिता से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम दिया और सरकार की अधिसूचना का उल्लंघन किया तथा उनके खिलाफ एक ‘गोपनीय’ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया था.

गृह मंत्रालय ने एक हलफनामे में कहा, ”सुरक्षा एजेंसियों ने रिपोर्ट दी है कि सैटर को अपनी पत्रकारिता गतिविधियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय संस्थानों के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण तरीके से प्रतिकूल और पक्षपातपूर्ण राय बनाने के लिए जाना जाता है और उनके खिलाफ एक गुप्त एलओसी जारी किया गया था.” केंद्र ने कहा कि परिणामस्वरूप उनकी पुर्निवचार याचिका का निपटारा कर दिया गया और 24 मई, 2024 के एक स्पष्ट आदेश में कहा गया कि ‘ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया’ (ओसीआई) कार्ड रद्द करने के आदेश को संशोधित करने का कोई आधार नहीं था. केंद्रीय मंत्रालय का हलफनामा ओसीआई कार्ड रद्द करने के खिलाफ दायर सैटर की याचिका के जवाब में आया.

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